मुंडा का विपक्ष पर हमला- जनजातीय समाज का सिर्फ वोटबैंक के लिए किया इस्तेमाल

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नई दिल्ली। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को विपक्षी दलों पर जनजातीय समाज को नजरअंदाज कर उसे सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की मौजूदा सरकार उनकी संस्कृति की रक्षा करते हुए समाज के संपूर्ण विकास के …

नई दिल्ली। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को विपक्षी दलों पर जनजातीय समाज को नजरअंदाज कर उसे सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की मौजूदा सरकार उनकी संस्कृति की रक्षा करते हुए समाज के संपूर्ण विकास के संकल्प के साथ काम कर रही है।

राज्यसभा में जनजातीय मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुंडा ने कहा कि जनजातीय समाज का विकास में ही देश का विकास और उज्ज्वल भविष्य निहित है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज जिन कमियों व समस्याओं से जूझता रहा है, उन्हें दूर करने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है जबकि कांग्रेस की पूर्व सरकारों ने उन कमियों व समस्यों को ढंकने का काम किया।

कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आपने जनजातीय समाज के साथ अन्याय किया और उनकी कमियों और समस्याओं को आपने अपना राजनीतिक हथियार बनाया व उन्हें वोटबैंक की तरह इस्तेमाल किया। यही वजह है कि उनकी कमियों को ढंकते-ढंकते आज आप खुद सिमटते जा रहे हैं। मुंडा ने कहा कि जनजातीय समाज की संवैधानिक व्यवस्था का संरक्षण हो, इसके लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है और जनजातीय क्षेत्रों का संपूर्ण विकास हो यही इस सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज स्वाभिमानी है और उन्हें गौरव प्रदान इस सरकार का संकल्प है तथा इसी को दृष्टिगत रखते हुए भगवान बिरसा बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा कि इससे पूरा आदिवासी समाज गौरवान्वित है। इस उपलक्ष्य पर यह कोशिश की गई है कि पूरे देश के आदिवासी समाज के भूले बिसरे लोगों के योगदानों को हम सामने लेकर आएं। इसके लिए देश के महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों का संग्रहालय बनाया जा रहा है।

वहीं विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुंडा ने कहा कि इतिहास को इन लोगों ने हमेशा दबाने की कोशिश की लेकिन कभी भी उन्हें समझने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि आज जनजातीय वर्ग के अधिकारों के संरक्षण का काम चल रहा है। इस दिशा में अभी भी बहुत सारे काम करने हैं। उनका सशक्तीकरण हमारा संकल्प है और इसी संकल्प के साथ हम लोगों ने सभी मंत्रालय के साथ कार्य प्रारंभ किया है।

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