हल्द्वानी: अधिवक्ता एक से अधिक बार एसोसिएशन में नहीं हो सकते हैं पंजीकृत
हल्द्वानी, अमृत विचार। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड ने एक से अधिक बार एसोसिएशन में पंजीकृत अधिवक्ताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। काउंसिल ने राज्य के सभी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को पत्र लिख कर अधिवक्ताओं के एक बार-एक वोट नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये हैं। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड …
हल्द्वानी, अमृत विचार। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड ने एक से अधिक बार एसोसिएशन में पंजीकृत अधिवक्ताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। काउंसिल ने राज्य के सभी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को पत्र लिख कर अधिवक्ताओं के एक बार-एक वोट नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये हैं।
बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के चेयरमैन एमएम लांबा ने प्रदेश के सभी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि काउंसिल के संज्ञान में आया है कि कई अधिवक्ताओं के एक से अधिक बार एसोसिएशन में सदस्यता है। ये अधिवक्ता सभी एसोसिएशन में मतदान करते हैं।
इस वजह से निष्पक्ष मतदान प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल का नियम 40 है कि एक अधिवक्ता साल में एक बार एक ही एसोसिएशन में मतदान कर सकता है। सभी अधिवक्ता काउंसिल का ‘एक बार एक वोट’ का शपथ पत्र मुहैया करायेंगे।
नियम 35 में उल्लेख है कि यदि अधिवक्ता एक से अधिक बार और एक साल में एक से अधिक बार मतदान करता है तो काउंसिल उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सकती है। चेयरमैन ने राज्य की सभी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इस नियम का कड़ाई से पालन कराना सुनिश्चित करें।
दिवंगत अधिवक्ता की सूचना 15 दिनों में काउंसिल को उपलब्ध करायें
बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के चेयरमैन एमएम लांबा ने सभी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बार में पंजीकृत अधिवक्ताओं की मृत्यु की दशा में 15 दिनों में उनका विवरण नाम, पता, पंजीयन संख्या, मृत्यु की तिथि लिखित रूप में काउंसिल को उपलब्ध करायें ताकि काउंसिल से उनका नाम काटा जा सके।
