पाकिस्तान में ओआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक शुरू
इस्लामाबाद। मुस्लिम देशों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू हुई। 57 सदस्यीय ओआईसी की 48वीं सीएफएम बैठक ‘एकता, न्याय और विकास के लिए साझेदारी विकसित करने’ के विषय पर आयोजित …
इस्लामाबाद। मुस्लिम देशों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की परिषद (सीएफएम) की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू हुई। 57 सदस्यीय ओआईसी की 48वीं सीएफएम बैठक ‘एकता, न्याय और विकास के लिए साझेदारी विकसित करने’ के विषय पर आयोजित हो रही है।
Opening session of the 48th session of the Council of Foreign Ministers of the Organization of Islamic Cooperation (OIC) in #Islamabad on March 22, 2022 under the Theme: (Building Partnerships for Unity, Justice and Development). #OIC48CFM #OICInPakistan pic.twitter.com/QWznOMhrO1
— OIC (@OIC_OCI) March 22, 2022
इसमें लगभग 46 सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व मंत्री स्तर पर हो रहा, जबकि बाकियों की नुमाइंदगी वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी कर रहे हैं। वहीं, प्रधानमंत्री इमरान खान इसके उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे, जो ओआईसी के प्रति पाकिस्तान की भूमिका और योगदान को उजागर करेगा तथा मुस्लिम जगत के सामने पेश आने वाली चुनौतियों पर रोशनी डालेगा।
चीन के स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी अपने पाकिस्तानी समकक्ष के निमंत्रण पर बैठक में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत कर रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश विभाग कार्यालय के मुताबिक, बैठक में शांति, सुरक्षा, आर्थिक विकास, सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक सहयोग सहित विभिन्न मुद्दों पर सौ से अधिक प्रस्तावों पर विचार करते हुए उन्हें स्वीकार किया जाएगा।
बैठक के एजेंडे में 2020 में नियामे में आयोजित अंतिम सीएफएम बैठक के बाद से मुस्लिम जगत को प्रभावित करने वाले घटनाक्रमों के अलावा पिछले सत्रों में लाए गए प्रस्तावों, विशेष रूप से फिलिस्तीन और अल कुद्स (यरूशलम) से जुड़े प्रस्तावों के कार्यान्वयन के लिए सचिवालय द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा करना शामिल है। इसके अलावा, इस्लामाबाद में होने वाली सीएफएम बैठक में इस्लामोफोबिया के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने और आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, मानवीय और वैज्ञानिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी।
