मुरादाबाद : गेहूं की फसल पर मौसम की मार, बालियों में पड़े दानों की पुष्ट के लिए चाहिए सामान्य तापमान
मुरादाबाद,अमृत विचार। समय से पहले आई गर्मी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा रही है। गनीमत है कि सरसों की फसल निकल गई है, लेकिन गेंहू की फसल पर लगातार बढ़ता तापमान बुरा असर डाल रहा है। इससे किसानों को अभी से भारी नुकसान की चिंता सताने लगी है। यह चिंता इसलिए भी है कि गेंहू …
मुरादाबाद,अमृत विचार। समय से पहले आई गर्मी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा रही है। गनीमत है कि सरसों की फसल निकल गई है, लेकिन गेंहू की फसल पर लगातार बढ़ता तापमान बुरा असर डाल रहा है। इससे किसानों को अभी से भारी नुकसान की चिंता सताने लगी है। यह चिंता इसलिए भी है कि गेंहू की फसल में बालियां आ चुकी हैं। इन बालियों में दाने भी आ चुके हैं, लेकिन इन दानों को पुष्ट होने के लिए कम से कम दस से 15 दिन तक सामान्य तापमान की जरूरत है।
किसानों के मुताबिक फरवरी माह की शुरुआत से ही सरसों की फसल कटनी शुरू हो गई थी। करीब 90 फीसदी फसल कट चुकी है। जो बची भी है तो अब कोई नुकसान नहीं है। लेकिन अभी भी खेत में गेंहू की फसल खड़ी है। गेहूं की बालियों में दाने पड़ चुके हैं। हालांकि इन दानों के पुष्ट होने पर कटाई के लिए तैयार होने में अभी कम से दस से 15 दिन का समय लगेगा। अब यदि ऐसे ही तापमान लगातार बढ़ता रहा तो फसल समय से पहले ही पक जाएगी। इससे दाने छोटे रह जाएंगे। इससे भारी नुकसान की आशंका है।
बिलारी निवासी किसान असरुद्दीन ने बताया कि वह अपनी फसल को बचाने के लिए खेत में पानी का भराव कर रहे हैं, लेकिन इससे कोई विशेष फायदा होने की उम्मीद नहीं है। वहीं यदि इसी बीच हवा चल गई तो फसल गिरने का खतरा अलग से है। हालांकि जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने बताया कि अभी तो कोई नुकसान नहीं है, लेकिन यही स्थिति बनी रहती है तो दिक्कत हो सकती है।

सब्जियों की खेती भी हो रही है प्रभावित
तापमान बढ़ने का असर सब्जी की खेती पर भी देखा जा रहा है। इस गर्मी की वजह से खासतौर पर लौकी, भिंडी और तोरई की सब्जियों के फूल निकलने के साथ ही सूख रहे हैं। हालांकि ककड़ी और तरबूज के लिए यह मौसम मुफीद साबित हो रहा है। किसानों के मुताबिक सब्जी की खेती को बचाने के लिए हर तीसरे चौथे दिन पानी का भराव करना पड़ रहा है।
गन्ने का वजन कम होने की आशंका
खेतों में अभी गन्ने की फसल काफी लगी है। गर्मी बढ़ने की वजह से इस फसल को अभी तो कोई नुकसान नहीं है, लेकिन ऐसे ही तापमान बढ़ने की दशा में गन्ने की फसल का वजन कम होने की आशंका है। किसानों के मुताबिक हालात को देखते हुए जल्द से जल्द फसल को चीनी मिल तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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