हल्द्वानी: क्या हुआ जब तीन साल के बच्चे के गले में अटक गयी पैरों में पहने जाने वाली बिछिया…

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हल्द्वानी, अमृत विचार। गरूड़ निवासी एक बच्चे ने गलती से पैरों में पहने जाने वाली बिछिया को निगल लिया। उसे गंभीर हालत में एसटीएच लाया गया। यहां पर ईएनटी विभाग में मशीन से उसके गले से बिछिया निकालकर बच्चे की जान बचाई गई। ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शहजाद अहमद ने बताया कि गरूड़ बागेश्वर …

हल्द्वानी, अमृत विचार। गरूड़ निवासी एक बच्चे ने गलती से पैरों में पहने जाने वाली बिछिया को निगल लिया। उसे गंभीर हालत में एसटीएच लाया गया। यहां पर ईएनटी विभाग में मशीन से उसके गले से बिछिया निकालकर बच्चे की जान बचाई गई।

ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शहजाद अहमद ने बताया कि गरूड़ बागेश्वर निवासी तीन साल बच्चे कक्षित ने महिलाओं द्वारा पैर में पहनने वाली बिछिया निगल ली थी। जिसे परिजन बीते 22 मार्च शाम को डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग में लेकर आए। बच्चे का एक्सरे करवाया, जिससे पता चला कि बिछिया खाने की नली के बीच में फंस गई है।

एनेस्थिीसिया विभाग की मदद से बच्चे को बेहोश करके डॉ. शहजाद अहमद ने मशीन से बिछिया को निकाला। बच्चे के ठीक हो जाने पर आज 23 मार्च को बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया। ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शहजाद अहमद, ईएनटी विभाग की टीम व एनेस्थिीसिया विभाग की डॉ. प्रियंका चौरसिया व नर्सिग स्टाफ की मेहनत ने बच्चे व परिजनों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। प्राचार्य डॉ. अरूण जोशी ने ईएनटी विभाग को बधाई दी है।

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