खटीमा: बर्फ पिघलना शुरू, लोहियाहेड में 21-22 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू
खटीमा, अमृत विचार। उच्च हिमालयी क्षेत्र में तापमान में बढ़ोत्तरी के साथ अब बर्फ भी पिघलने लगी है। इससे शारदा नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज होने लगी है। बुधवार को जल स्तर 6,713 क्यूसेक पहुंचते ही लोहियाहेड पावर हाउस में बिजली उत्पादन 21-22 मेगावाट पहुंच गया। पावर हाउस के डीजीएम महकार सिंह ने …
खटीमा, अमृत विचार। उच्च हिमालयी क्षेत्र में तापमान में बढ़ोत्तरी के साथ अब बर्फ भी पिघलने लगी है। इससे शारदा नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज होने लगी है। बुधवार को जल स्तर 6,713 क्यूसेक पहुंचते ही लोहियाहेड पावर हाउस में बिजली उत्पादन 21-22 मेगावाट पहुंच गया। पावर हाउस के डीजीएम महकार सिंह ने बताया कि फिलहाल दो टरबाइनों से बिजली उत्पादन हो रहा है। अप्रैल माह तक जल स्तर में और बढ़ोत्तरी होते ही तीनों टरबाइनों से उत्पादन शुरू हो सकेगा।
बता दें कि उत्तराखंड की सभी जल विद्युत परियोजनाओं में सर्दी के मौसम में उच्च हिमालयी क्षेत्र में पानी के जमकर बर्फ बनने से नदियों का जल स्तर गिर जाता हैं इससे बिजली उत्पादन न्यूनतम स्तर पर आ जाता है। इस बार भी सर्दी भर बिजली उत्पादन गिरा रहा। लोहियाहेड पावर हाउस के डीजीएम सिंह ने बताया कि 27 फरवरी तक जल स्तर में कमी रही।
बुधवार को शारदा नदी का जल स्तर सुबह 6,713 क्यूसेक दर्ज हुआ। इस पर बनबसा बैराज से शारदा नहर में पावर हाउस के लिए 6,179 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पावर हाउस की टरबाइन संख्या 2 व 3 से बिजली उत्पादन करीब 21-22 मेगावाट तक हो रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में तापमान में बढ़ोत्तरी से बर्फ पिघलने से नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। अप्रैल माह में और गर्मी बढ़ने पर जल स्तर में और बढ़ोत्तरी से बिजली उत्पादन बेहतर होने की संभावना है।
