अयोध्या: दस लाख की रंगदारी मामले में नहीं मिली पुलिस को कोई जानकारी
अयोध्या। कस्बे के एक दवा व्यापारी से दस लाख रुपए की रंगदारी मांगने के बहुचर्चित मामले में पुलिस अभी तक मास्टर माइंड को पकड़ने से दूर है। पूरे मामले को शरारती तत्व का कारनामा मान कर अब हाथ बांध कर बैठ गई है, जबकि व्यापारी और उसका परिवार अभी भी दहशत में है। न्यू श्याम …
अयोध्या। कस्बे के एक दवा व्यापारी से दस लाख रुपए की रंगदारी मांगने के बहुचर्चित मामले में पुलिस अभी तक मास्टर माइंड को पकड़ने से दूर है। पूरे मामले को शरारती तत्व का कारनामा मान कर अब हाथ बांध कर बैठ गई है, जबकि व्यापारी और उसका परिवार अभी भी दहशत में है।
न्यू श्याम मेडिकल एजेंसी पर एक पखवारे पूर्व चिट्ठी भेज कर मांगी गई 10 लाख रुपए की रंगदारी पुलिस के गले की हड्डी बन गई है। पूछताछ के लिए पुलिस ने घटना के बाद से पत्र पहुंचाने वाले टैक्सी चालक को थाने में दो तीन दिन बिठाकर रखा, लेकिन जब कोई सफलता नहीं हासिल हुई तो उसे छोड़ दिया। घटना के दूसरे दिन एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर और सीओ सदर शैलेंद्र गौतम ने टैक्सी चालक व मेडिकल स्टोर संचालक से काफी देर तक बातचीत भी की थी। बावजूद 25 मार्च देर शाम तक इलाकाई पुलिस न तो चिट्ठी भेजने वाले का हुलिया पता लगा पाई है और न ही कोई क्लू तलाश कर सकी है।
अभी भी रहस्य बना हुआ है
दवा व्यापारी को चिट्ठी क्यों और किसने किस मकसद से भेजी यह अभी भी रहस्य बना हुआ है। किसी खुलासे के लिए एसएसपी शैलेश कुमार पांडे ने कोतवाली में तैनात दरोगा अर्जुन यादव के साथ दो पुलिस कर्मियों की टीम लगाई, लेकिन वे भी इधर-उधर हाथ पांव मार खामोश बैंठे हैं। फिलहाल मामले का खुलासा न होने से बाजार में चचाएं चरम पर हैं।
मालूम हो कि 10 मार्च की शाम दवा व्यापारी हरिओम गुप्ता की दुकान पर एक टैक्सी चालक ने लिफाफा दिया था। लिफाफे में 10 लाख रुपए की रंगदारी की मांग की गई थी। न देने पर जान से मारने की धमकी के अलावा सेल टैक्स,इनकम टैक्स,ड्रग विभाग आदि द्वारा छापा डलवाने की भी धमकी दी गई थी। मामले के विवेचक एसआई अर्जुन यादव ने बताया कि पूछताछ के लिए टैक्सी चालक को रोका गया था, लेकिन कोई क्लू न मिलने के कारण उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। उन्होंने फिर दावा किया है कि टीमें अपना काम कर रही हैं और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। व्यापारी हरिओम गुप्ता का कहना है कि खुलासा न होने से परिवार के लोग अभी भी घबराए हैं।
