बरेली: बोर्ड परीक्षा के पहले दिन बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, बांट दिया गया गलत पेपर
बरेली, अमृत विचार। यूपी बोर्ड की परीक्षा में पहले दिन ही लापरवाही देखने को मिल गई। जिसका खामयाजा सीधे तौर पर बच्चों को भुगतना पड़ सकता है। मामला फरीदपुर के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल का है। जहां पर इंटरमीडिएट की परीक्षा देने पहुंची छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन पर गलत प्रश्न पत्र देने का आरोप लगाया …
बरेली, अमृत विचार। यूपी बोर्ड की परीक्षा में पहले दिन ही लापरवाही देखने को मिल गई। जिसका खामयाजा सीधे तौर पर बच्चों को भुगतना पड़ सकता है। मामला फरीदपुर के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल का है। जहां पर इंटरमीडिएट की परीक्षा देने पहुंची छात्राओं ने स्कूल प्रबंधन पर गलत प्रश्न पत्र देने का आरोप लगाया है। जिसकी वजह से उनका पूरा पेपर खराब हो गया और भविष्य दांव पर लग गया है।
देना था हिंदी साहित्य का पेपर दे दिया सामान्य हिंदी
दरअसल, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में छात्राओं का सेंटर स्थाई है। दूसरी पाली में परीक्षा देने पहुंची छात्राओं का आरोप है कि कक्ष संख्या 4 में कुछ छात्राएं कला वर्ग की है तो कुछ विज्ञान वर्ग की है। मगर छात्राओं को प्रश्नपत्र बांटते समय कक्ष निरीक्षक ने विज्ञान वालों को साहित्यिक हिंदी और कला वर्ग वालों को सामान्य हिंदी के प्रश्न पत्र बांट दिए। जब छात्राओं ने कक्ष निरीक्षक से कहा तो उन्होंने कह दिया कि कोई बात नहीं दोनों पेपर एक समान है। मगर बच्चों का पेपर खराब हो गया।
अभिभावक बच्चों के साथ पहुंचे स्कूल
जब छात्राओं के अभिभावकों को इस बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल प्रिंसिपल से फोन पर बात की। आरोप है कि प्रिंसिपल ने गैर जिम्मेदाराना रूप से उनका जवाब दिया। जिसके बाद शुक्रवार को अभिभावक बच्चों के साथ स्कूल पहुंच गए।
कक्ष निरीक्षक की है गलती
जब इस मामले में स्कूल प्रधानाचार्य रविशंकर गौड़ बात की गई तो उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं इसमें गलती कक्षा निरीक्षक और छात्राओं दोनों की तरफ से हुई है। अगर पेपर गलत पहुंचा था तो कक्षा निरीक्षक को पेपर नहीं बांटना था। यदि पेपर बच्चों के पास पहुंच भी गया तो बच्चों को उसकी शिकायत करनी चाहिए। मगर छात्राओं ने इसकी कोई शिकायत ही नहीं की थी।
वर्जन—
इस मामले में मैं जांच कराता हूं। यदि ऐसी गलती हुई तो मामले में कार्रवाई की जाएगी। — डीआईओएस, डॉ. मुकेश कुमार सिंह
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