स्वरोजगार योजना: अब माता-पिता और भाई की जमीन पर भी खोल सकेंगे होम स्टे

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हल्द्वानी, अमृत विचार। अधिक से अधिक लोगों को होमस्टे योजना का लाभ देने के लिए पर्यटन विभाग ने खुद की भूमि की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। अब लाभार्थी पत्नी, माता-पिता और भाई की भूमि पर भी होमस्टे योजना का लाभ ले सकते हैं। लाभार्थी को योजना में 25 फीसदी की सब्सिडी और पांच …

हल्द्वानी, अमृत विचार। अधिक से अधिक लोगों को होमस्टे योजना का लाभ देने के लिए पर्यटन विभाग ने खुद की भूमि की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। अब लाभार्थी पत्नी, माता-पिता और भाई की भूमि पर भी होमस्टे योजना का लाभ ले सकते हैं। लाभार्थी को योजना में 25 फीसदी की सब्सिडी और पांच साल तक 50 फीसदी ब्याज में भी छूट मिलेगी।

प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ाने और पर्यटकों को बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से पंडित दीनदयाल ग्रह आवास योजना (होम स्टे) को शुरू किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में होमस्टे योजना में 50 फीसदी सब्सिडी मिलती है। वहीं तराई में मात्र 25 फीसदी ही सब्सिडी लाभार्थी को मिल रही है। 2018 में शुरू की गई इस योजना में नैनीताल जिले में अब तक 519 में से 48 लोगों को ही लाभ मिल पाया है।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधूरे फॉर्म भरे जाने के कारण आवेदनकर्ता लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं। जिनको अभी तक इस योजना का लाभ नहीं मिला है उनकी फाइलों को बैंकों में सब्सिडी के लिए नहीं भेज पा रहे हैं। जिला पर्यटन अधिकारी ब्रिजेंद्र पांडे ने बताया कि होमस्टे योजना में अधिक लोगों को लाभ दिलाने के लिए आवेदन में बदलाव किए गए हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। आवेदन करता अब निकट संबंधी भाई, पत्नी, पिता व मां के नाम की भूमि पर भी होमस्टे खोल सकते हैं।

परिवार रजिस्टर की नकल या राशन कार्ड अनिवार्य
जिला पर्यटन अधिकारी ब्रिजेंद्र पांडे ने बताया कि होमस्टे योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी को निकट संबंधी की परिवार रजिस्टर की नकल या राशन कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही 10 रुपये के स्टांप पर अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दिखाना पड़ेगा।

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