बहराइच: पॉक्सो पीड़िता को किया फर्जी पिता के सुपुर्द, सीडब्ल्यूसी ने अभियुक्त पर केस दर्ज करने के दिए निर्देश
बहराइच। बाल कल्याण समिति न्याय पीठ (सीडब्ल्यूसी) द्वारा पीड़िता को साजिश कर फर्जी पिता बनकर सुपुर्दगी में लेने वाले अभियुक्त के पिता व विवेचना अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक को दिया गया। इस संबंध में पीड़िता (13 वर्षीय अवयस्क बालिका) के माता पिता की ओर …
बहराइच। बाल कल्याण समिति न्याय पीठ (सीडब्ल्यूसी) द्वारा पीड़िता को साजिश कर फर्जी पिता बनकर सुपुर्दगी में लेने वाले अभियुक्त के पिता व विवेचना अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक को दिया गया।
इस संबंध में पीड़िता (13 वर्षीय अवयस्क बालिका) के माता पिता की ओर से दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र पर मामले का संज्ञान लेकर यह कार्यवाही की गई। कोतवाली देहात में मुकदमा अपराध संख्या 453 /2021 धारा 363, 366 आईपीसी धारा 16 /17 पॉक्सो अधिनियम के मामले में पीड़िता के माता-पिता सुकई राम व सरोज द्वारा सीडब्ल्यूसी बहराइच को प्रार्थना पत्र में अवगत कराया था कि मुकदमे के तत्कालीन विवेचना अधिकारी द्वारा अभियुक्त पक्ष से साजिश करके उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए अभियुक्त के पिता को पीड़िता का फर्जी पिता व संरक्षक बनाकर पीड़िता को उन्हें सुपुर्दगी में दिला दिया गया।
इस बात की सूचना मिलने के बाद से वह लगातार अपनी अवयस्क पुत्री को पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इस मामले में कई शिकायत किए जाने पर भी उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है।
पीड़ितों के प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेकर प्रस्तुत किए गए अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद सीडब्ल्यूसी (बेंच आफ मजिस्ट्रेट) के चेयरमैन सतीश कुमार श्रीवास्तव व सदस्य/ मजिस्ट्रेट श्रवण कुमार शुक्ल एवं दीपमाला प्रधान द्वारा आरोपी अभियुक्त के पिता बाबादीन व विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक वीरपाल सिंह के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को निर्देशित किया गया।
इसके साथ ही सीडब्ल्यूसी न्याय पीठ द्वारा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात को आदेशित किया गया कि संबंधित विवेचना अधिकारी से इस बाबत स्पष्टीकरण प्राप्त कर एक सप्ताह में प्रस्तुत करें तथा संबंधित अवयस्क बालिका पीड़िता को बरामद कर उचित संरक्षण में देने के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करें।
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