हल्द्वानी नगर निगम की 60 प्रतिशत कमाई कर्मचारियों पर ही खर्च
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। नगर निगम के पास विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए बजट का अभाव रहता है। इसके पीछे कारण नगर निगम की कम आय होने के साथ ही कर्मचारियों को दिये जाने वाला वेतन और पेंशन पर खर्चा है। निगम इतने सालों में अपनी आय बढ़ाने के लिये कोई खास योजना …
नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी। नगर निगम के पास विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए बजट का अभाव रहता है। इसके पीछे कारण नगर निगम की कम आय होने के साथ ही कर्मचारियों को दिये जाने वाला वेतन और पेंशन पर खर्चा है। निगम इतने सालों में अपनी आय बढ़ाने के लिये कोई खास योजना नहीं बना पाया है। इसका खामियाजा शहर वासियों को असुविधा और समस्याओं के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
नगर निगम बनने के बाद लोगों को आस जगी थी कि अब हल्द्वानी शहर का विकास तेजी से होगा। नगर निगम बनने के बाद वार्डों की संख्या को 25 से बढ़ाकर 60 कर दिया गया। हल्द्वानी के पुराने ग्रामीण इलाकों को भी नगर निगम में शामिल कर दिया गया। पहले जहां नगर निगम का क्षेत्र केवल नैनीताल रोड के आसपास ही सिमटा था तो वहीं अब ऊंचापुल, जजफार्म, दमुवाढूंगा और बिठौरिया जैसे इलाकों तक विस्तार हो गया है।
नगर निगम के अंतर्गत आने वाली सड़कों का बुरा हाल है। कुछ पार्कों के सौंदर्यीकरण को छोड़ दें तो पिछले सालों में नगर निगम शहर के विकास के लिये खास योजना तैयार नहीं कर सका है। इसका सबसे बड़ा कारण नगर निगम की कम आय होना है। मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला ने कई बार निगम की आय बढ़ाने का भरोसा दिया लेकिन आय बढ़ने के साथ ही निगम के खर्चे भी बढ़ते चले गये। इस वजह से नगर निगम का क्षेत्र बदहाल अवस्था में है।
वर्ष आय कर्मचारियों के वेतन व पेंशन में खर्च
2015-16 187277526 140134610
2016-17 313798249 148800287
2017-18 438478310 276804485
2018-19 694492094 400591259
2019-20 632102820 312798230
2020-21 555587847 309727665
योग 3198600426 1846212281
नोट : धनराशि करोड़ रुपये में
अनुदानों पर टिकी नगर निगम की तिजोरी
हल्द्वानी। नगर निगम की आय में ज्यादातर हिस्सा राज्य और केंद्र से मिलने वाली मदद का है। साथ ही अन्य अनुदानों से होने वाली आय से नगर निगम का गुजारा हो रहा है। साल 2015-16 में अनुदान में निगम को 147286580 करोड़ रुपये मिले। जबकि निगम ने खुद 39990946 करोड़ रुपये ही कमाये। इसी तरह 2017-18 में निगम ने अपने बूते 27220944.41 करोड़ रुपये कमाये थे। जबकि अनुदान में 286577305 करोड़ रुपये मिले। अगर निगम की अपनी कमाई की बात करें तो उसके पास इतना बजट भी नहीं है कि वह कर्मचारियों को वेतन व पेंशन दे सके।
एक हजार से ज्यादा कर्मचारी
हल्द्वानी। नगर निगम हल्द्वानी में 1000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम का क्षेत्र बढ़ने की वजह से कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है।
नहीं बढ़ पाए आय के स्रोत
निगम की आय के प्रमुख स्रोत भवन कर, स्वच्छता कर, दुकान किराया और तहबाजारी है। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी नगर निगम राजस्व प्राप्त करता है। साल 2015-16 में 14 माध्यमों से निगम की आय होती थी जो पिछले छह साल में बढ़कर 16 ही हो पाई है। निगम कमाई के मामले में नगर पालिका परिषद के जमाने के ढर्रे पर ही चल रहा है। जबकि अब नगर निगम का क्षेत्र काफी बढ़ गया है।
