हल्द्वानी: वर्कशॉप लाइन में गरजी नगर निगम की जेसीबी, नहर और फुटपाथ पर कब्जा कर हो रहा था कारोबार
हल्द्वानी, अमृत विचार। वर्कशॉप लाइन में नगर निगम ने सोमवार को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। तिकोनिया से लेकर प्रेम टॉकीज चौराहे के पास तक अभियान चलाया गया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले अभियान के दौरान नगर निगम ने कई अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की। नगर निगम की टीम दोपहर तीन बजे तिकोनिया चौराहे पर पहुंची …
हल्द्वानी, अमृत विचार। वर्कशॉप लाइन में नगर निगम ने सोमवार को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। तिकोनिया से लेकर प्रेम टॉकीज चौराहे के पास तक अभियान चलाया गया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले अभियान के दौरान नगर निगम ने कई अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की।
नगर निगम की टीम दोपहर तीन बजे तिकोनिया चौराहे पर पहुंची और जेसीबी से सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। अतिक्रमणकारियों ने नहर के ऊपर कब्जा कर दुकानें बना रखीं थीं। साथ ही यहां पर कई ठेलेवालों का कब्जा था। इन्हें हटाने के बाद निगम की टीम आगे बढ़ी और बरगद के पेड़ के नीचे से सालों पुराना अतिक्रमण भी हटा दिया गया। वर्कशॉप लाइन की दुकानों के आगे बनाये गये टीन शेड को भी जेसीबी से हटा दिया गया।

यही नहीं, नगर निगम ने अवैध रूप से खड़े किये गये वाहनों को भी हटाया। प्रेम टॉकीज चौराहे के पास तक जेसीबी चलतीं रहीं। शाम साढ़े चार बजे तक अभियान चलाया गया। हालांकि निगम की चेतावनी के चलते कई अतिक्रमणकारी पहले ही समान समेट कर चले गये थे। इस दौरान नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय और सहायक नगर आयुक्त गौरव भसीन टीम का नेतृत्व करते रहे। इधर, जब अतिक्रमण हटाया गया तो वर्कशॉप लाइन की सड़क अपने वास्तविक स्वरूप में आ गयी।
कार्रवाई का नहीं हुआ विरोध
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम को विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। हल्की नोकझोंक को छोड़ दें तो पूरा अभियान बिना किसी विरोध के ही समाप्त हो गया। दरअसल, मछली बाजार में अतिक्रमण पर की गयी कार्रवाई के बाद किसी की भी विरोध करने की हिम्मत नहीं हुयी।
रेलवे फाटक तक चलेगी जेसीबी
सोमवार को तिकोनिया चौराहे से प्रेम टॉकीज के पास तक अभियान चलाया गया। इसके बाद नगर निगम प्रेम टॉकीज से लेकर रेलवे फाटक तक अभियान चलायेगी। निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगले चरण में बनभूलपुरा थाने के पास तक बड़ा अभियान चलाया जायेगा।
75 लाख में बिक रहा था कब्जा
वर्कशॉप लाइन में सरकारी जमीन पर गैरकानूनी ढंग से कब्जा किया गया था। कुछ लोगों ने कब्जा खरीदने के लिये अतिक्रमणकारी को 75 लाख रुपये की पेशकश भी की थी, ताकि वह उस जगह पर काबिज हो सके लेकिन कब्जेदार ने एक करोड़ रुपए की मांग की थी। अभी मोल-भाव को लेकर बातचीत चल ही रही थी कि नगर निगम ने पूरा कब्जा ही उखाड़ दिया।
