अयोध्या: संगठित नकल को लेकर परीक्षा समिति की बैठक की तिथि नहीं हुई घोषित

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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन का बीएनकेबी महाविद्यालय अम्बेडकरनगर में पकड़ी गई संगठित नकल को लेकर अभी भी रुख साफ नहीं हो सका है। इस संबंध में बुलाई जाने वाली परीक्षा समिति की बैठक की तिथि घोषित नहीं की गई है। इसे लेकर सवाल उठ रहा है कि क्या विश्वविद्यालय बीएनकेबी महाविद्यालय को …

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन का बीएनकेबी महाविद्यालय अम्बेडकरनगर में पकड़ी गई संगठित नकल को लेकर अभी भी रुख साफ नहीं हो सका है। इस संबंध में बुलाई जाने वाली परीक्षा समिति की बैठक की तिथि घोषित नहीं की गई है। इसे लेकर सवाल उठ रहा है कि क्या विश्वविद्यालय बीएनकेबी महाविद्यालय को क्लीन चिट देने का रास्ता तो नहीं खोज रहा है। गंभीर बात यह है कि इतने बड़े मामले में परीक्षा नियंत्रक की ओर से अभी तक अधिकृत कुछ भी नहीं जारी किया गया है।

डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से सम्बद्ध बीएनकेबी महाविद्यालय में नौ अप्रैल को डीएम के छापे में संगठित नकल पकड़ी गई थी और केन्द्रायक्ष समेत कई कक्ष निरीक्षक हिरासत में भी लिए गए थे। सूत्रों के अनुसार वहां तैनात विशेष पर्यवेक्षक की ओर से गोपनीय रिपोर्ट भेजी गई थी उसे भी फाइल में रख लिया गया है। बताया यह जा रहा है कि रिपोर्ट परीक्षा समिति की बैठक में ही रखी जाएगी।

यह मान भी लिया जाए तो आज 13 अप्रैल तक विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक परीक्षा समिति की बैठक की तिथि निर्धारित नहीं कर सका है। जिसे लेकर तमाम सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मामले में लेटलतीफी के पीछे बीएनकेबी में दो बड़े कालेजों के गए सेंटर है जिनके 333 परीक्षार्थी वहां नौ अप्रैल को परीक्षा दे रहे थे।

माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन संगठित नकल के मामले को लेकर अपनी छवि पर किसी तरह के दाग से भी बच रहा है। इसीलिए पूरे प्रकरण पर उच्चाधिकारी मौन साधे हुए हैं। वहीं मीडिया प्रभारी विजयेन्दू चतुर्वेदी का कहना है कि परीक्षा समिति बैठक की तिथि तो नहीं निर्धारित हुई है लेकिन संभवत 25 अप्रैल के बाद हो। उनका कहना है कि विशेष पर्यवेक्षक की रिपोर्ट गोपनीय है उसे परीक्षा समिति के सम्मुख ही रखा जाएगा। फिलहाल पांच दिन गुजरने के बाद भी विश्वविद्यालय की भूमिका सवालों के घेरे में हैं।

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