हल्द्वानी: “कन्याल हत्याकांड” – डीएनए रिपोर्ट बताएगी किसकी थी वो लाश
सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। तकरीबन आठ माह से लापता ट्रांसपोर्टर पवन कन्याल की मौत पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। मसलन, अभी यह नहीं माना जा रहा कि पवन की मौत हो चुकी है। पवन की मौत को साबित करने के लिए अब पुलिस पवन का डीएनए उसके परिवार के डीएनए से मिलान …
सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। तकरीबन आठ माह से लापता ट्रांसपोर्टर पवन कन्याल की मौत पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। मसलन, अभी यह नहीं माना जा रहा कि पवन की मौत हो चुकी है। पवन की मौत को साबित करने के लिए अब पुलिस पवन का डीएनए उसके परिवार के डीएनए से मिलान कराएगी।
बता दें कि आवास विकास सुभाष नगर निवासी ट्रांसपोर्टर पवन कन्याल बीते वर्ष 16 अगस्त को घर से निकले, लेकिन लौट कर फिर घर नहीं पहुंचे। एक माह की गुमशुदगी के बाद 17 सितंबर 2021 को दो गांव के पास जंगल से गुजरी सिंचाई गूल में पुलिस को एक लाश मिली। लाश सड़ चुकी थी, जिसे फिलहाल चेहरे से पहचानना मुश्किल था।
हालांकि शरीर पर मौजूद कपड़ों व पास ही पड़ी टोपी से यह स्पष्ट किया गया कि लाश पवन कन्याल की थी और पवन के परिजनों ने भी इसी साक्ष्य के जरिये पवन के मौत की पुष्टि की थी। शरीर पर मिले जख्मों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की बिनाह पर परिजनों ने इसे हत्या करार दिया। जिसके बाद दबाव में पुलिस को हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज करनी पड़ी।
हालांकि पवन पर लदे कर्ज की वजह से पुलिस हत्या के बजाय आत्महत्या मान रही थी। इधर, मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। अब बताया ये जा रहा है कि पुलिस सबसे पहले यह साबित करेगी कि दो गांव में मिली लाश पवन की थी भी या नहीं। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि पवन और उनकी मां का डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। जिसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
मुश्किल है लाश को इतनी गहराई में प्लांट करना
हल्द्वानी। दो गांव में जहां लाश मिली थी, वो स्थान सड़क से करीब पांच मीटर नीचे है। वो ऐसा स्थान है, जहां पैदल जाना भी बेहद मुश्किल काम है। पवन की मौत को संदेह की नजर से देखने वाली पुलिस को यह बात भी समझनी होगी कि जिस रास्ते पर पैदल चलना मुश्किल हो, वहां किसी की लाश को कैसे प्लांट किया जा सकता है। हालांकि पुलिस के संदेह की वजह में भी वाजिब है, जिसके जवाब के लिए ही डीएनए कराने का फैसला लिया गया है।
अभी तक पांच टीमें कर चुकी हैं मामले की जांच
हल्द्वानी। पवन कन्याल के मामले में तत्कालीन एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी ने जांच के लिए पांच टीमें बनाईं थी और सभी टीमें अपने स्तर से जांच भी कर चुकी हैं, लेकिन परिजनों के हत्या के दावे में पुलिस को दम नहीं दिखा। इस मामले में अभी तक पवन के घर से लेकर दो गांव के रास्तों में लगे सभी प्रमुख सीसीटीवी को चेक किया जा चुका है। पवन, उनके दोस्तों और परिजनों के सोशल मीडिया एकाउंट के साथ सर्विलांस टीम की कोशिशों का नतीजा भी सिफर रहा।
