नैनीताल: नंबर प्लेट स्कैनर से वाहनों के अनावश्यक मूवमेंट पर रखी जाएगी नजर
नैनीताल, अमृत विचार। अब नैनीताल पहुंचने वाले वाहनों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसके लिए जल्द ही पुलिस विभाग की ओर से नंबर प्लेट स्कैनर लगाए जाएंगे, जो नैनीताल पहुंचने वाले सभी वाहनों को स्कैन करेगा। साथ ही कंट्रोल रूम में इसका डाटा होने से वाहन के मूवमेंट की पल-पल की जानकारी होगी। …
नैनीताल, अमृत विचार। अब नैनीताल पहुंचने वाले वाहनों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसके लिए जल्द ही पुलिस विभाग की ओर से नंबर प्लेट स्कैनर लगाए जाएंगे, जो नैनीताल पहुंचने वाले सभी वाहनों को स्कैन करेगा। साथ ही कंट्रोल रूम में इसका डाटा होने से वाहन के मूवमेंट की पल-पल की जानकारी होगी।
मालूम हो कि नंबर प्लेट स्कैनर लगने से आपराधिक घटनाएं रोकने में मदद मिलेगी। इससे चोरी के वाहनों से अपराध को अंजाम देकर वाहन को अन्यत्र में छोड़कर भागने वाले अपराधियों को पकड़ने में आसानी होगी। साथ ही वर्षों से थानों पर खड़े वाहनों के सही मालिक का नाम अब मिनटों में पता चल जाएगा। स्कैनर की मदद से थानों पर लंबे समय से खड़े वाहनों के सही इंजन नंबर व चेसिस नंबर पता कर मालिकों को जानकारी दी जा सकेगी।
इसके लिए मस्जिद तिराहे के साथ ही अन्य स्थानों में कैमरे लगवाए जाएंगे जो पर्यटकों के वाहनों के नंबर प्लेट रीड करेगा। इसके बाद शहर में बार-बार अनावश्यक रूप से चक्कर लगा रही गाड़ियों की जानकारी कंट्रोल रूम की मदद से मिल जाएगी। साथ ही वाहन के मालिक का पूरा पता भी स्कैनर के माध्यम से पता चल जाएगा।
नैनीताल में 20 कैमरे लगेंगे
आपराधिक घटनाओं पर नजर रखने और पर्यटन सीजन में सुरक्षा की दृष्टि से नैनीताल में 20 कैमरे लगाए जा रहे हैं। डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरने के निर्देश पर तल्लीताल क्षेत्र में 10 और मल्लीताल क्षेत्र में 10 कैमरे लगाने के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। जिससे किसी भी तरह की आपराधिक घटना पर नजर रखी जा सके और पर्यटकों के साथ होने वाले किसी भी तरीके की ठगी या घटना को होने से रोका जा सके।
नंबर प्लेट स्कैनर लगने से अपराधियों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। इससे अपराध नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। साथ ही नैनीताल में कुल कितनी गाड़ियां प्रवेश हुईं व कितनी बाहर गईं। इन गतिविधियों का डाटा पुलिस के पास रहेगा। रिजर्व क्षेत्र में अनावश्यक चक्कर काटने वाले वाहनों पर भी नजर रखी जा सकेगी। – डॉ. नीलेश आनंद भरणे, डीआईजी कुमाऊं
