गुड फ्राइडे आज, “हे पिता इन्हें क्षमा कर” की प्रार्थना से गूंजे गिरिजाघर
हल्द्वानी, अमृत विचार। गुड फ्राइडे के अवसर पर आज ईसाई धर्म के लोगों ने शहर के विभिन्न चर्चों में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इस अवसर पर चर्च को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। नैनीताल रोड स्थित सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च में प्रार्थना सभा के बाद प्रभु यीशु के सात उपदेशों को पढ़कर सुनाया …
हल्द्वानी, अमृत विचार। गुड फ्राइडे के अवसर पर आज ईसाई धर्म के लोगों ने शहर के विभिन्न चर्चों में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इस अवसर पर चर्च को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।

नैनीताल रोड स्थित सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च में प्रार्थना सभा के बाद प्रभु यीशु के सात उपदेशों को पढ़कर सुनाया गया और उनका अनुसरण करने पर बल दिया गया। फादर राजीव मैसी ने बताया कि आज के दिन प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ा दिया गया था और संसार के लोगों को चाहिए कि उनके बताए सच्चे मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा कि सच्चा कार्य ही प्रभु से इंसान को मिला सकता है। प्रभु यीशु ने मुख्य रूप से सात उपदेश दिये हैं। जिसमें मुख्य रूप से दो हैं कि सभी पर दया करो और दुखियों की सेवा करो। इन दोनों उपदेशों में जीवन का सार छिपा हुआ है। आज के दिन को बलिदान दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

ऐसी मान्यता है कि फ्राइडे के दिन क्रूस पर चढ़ाए जाने के बाद तीसरे दिन यीशु मसीह पुनः जीवित हो गए थे, इसी कि खुशी में ईस्टर संडे मनाने के परंपरा है। इस दिन को गुड फ्राइडे कहने का कारण था कि लोग इसे एक पवित्र दिन मनाते हैं। लोग ईसा मसीह के बलिदान को याद करते हैं। चर्च में सेवा करके उन पलों को याद करते हैं जब यीशु ने मानव सेवा के लिए अपने प्राण त्याग दिए थे।
प्रभु यीशु का मानना था कि हम जीवन में सेवा कराने नहीं सेवा करने के लिए हैं। प्रभु यीशु ने 12 लोगों के पैर धोकर हमें एक दूसरे की सेवा करने का संदेश दिया था। प्रभु यीशु के सन्देशों को अपने जीवन में अपनाकर आपस के सभी भेदभाव मिटाकर प्रेम और स्नेह के साथ रह सकते हैं। गुड फ्राइडे के अवसर पर लोग गिरिजाघरों में जाकर प्रार्थना करते हैं। कई लोग प्रभु ईशु की याद में उपवास करते हैं और उपवास के बाद मीठी रोटी बनाकर खाते हैं।
