हल्द्वानी में बढ़ रही गर्भपात की समस्या, विभाग अनजान

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बबीता पटवाल, अमृत विचार, हल्द्वानी। शहर में गर्भपात एक और बड़ी समस्या का रूप ले रहा है। चिंता की बात यह है कि गर्भपात के मामले ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा बढ़ रहे हैं। लेकिन चिकित्सा विभाग से लेकर महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों तक को इन गर्भपात के कारणों का पता नहीं है। जिस …

बबीता पटवाल, अमृत विचार, हल्द्वानी। शहर में गर्भपात एक और बड़ी समस्या का रूप ले रहा है। चिंता की बात यह है कि गर्भपात के मामले ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा बढ़ रहे हैं। लेकिन चिकित्सा विभाग से लेकर महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों तक को इन गर्भपात के कारणों का पता नहीं है। जिस वजह से अभी तक इस समस्या के समाधान के लिए सरकारी स्तर पर कोई प्रयास नहीं हो पाया है।

बाल विकास परियोजना विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल में हल्द्वानी शहर और ग्रामीण इलाके में गर्भपात के 93 मामले सामने आए हैं, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक गर्भपात हुआ है। इन ग्रामीण क्षेत्रों में दमुवाढूंगा में 18 और लामाचौड़ क्षेत्र में भी 15 मामले सामने आए हैं। इस वजह से ग्रामीण सीएचसी सेंटरों में गर्भपात के मामले बढ़ रहे हैं। इसकी पड़ताल की गई तो कुछ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बताया कि महिलाएं गर्भपात होने का कारण नहीं बताती हैं और पोर्टल से पंजीकरण रद करवा लेती हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ माह से लगातार पांच से दस मामले सामने आ रहे हैं जब महिलाओं में गर्भपात बढ़ गया है। इधर, स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि उनके संज्ञान में अभी ऐसा कोई मामला नहीं आया है। उन्होंने डिजिटलाइजेशन पर जोर देते हुए कहा कि गर्भपात होने पर सभी महिलाओं की जानकारी अपडेट की जाती है। कहा सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं का खास ध्यान रखने को कई योजनाएं भी चलाए जा रहे हैं। गर्भपात के कई कारण होते हैं, जब तक मरीज नहीं सामने आएगा तो कारणों का पता नहीं लगाया जा सकता।

शहर में गर्भपात होने का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर किसी को कोई भी जानकारी है तो वह मुझे बता सकता है। मैं मामले की जांच करूंगी और जो भी दोषी पाया गया उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. रश्मि पंत, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी

गर्भपात के कई वजह होते हैं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कहने पर यह नहीं माना जा सकता है कि टीटी के इंजेक्शन से महिलाओं का गर्भपात हो रहा है। कई बार महिलाओं में कीटाणु पाए जाने से भी गर्भपात हो जाता है।
-शीला रौतेला, सीडीपीओ, शहर

गर्भपात के मुख्य कारण
हल्द्वानी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्भपात पांच प्रकार होते हैं। मेडिकल की भाषा में ये पांच प्रकार मिस्ड गर्भपात, अधूरा गर्भपात, पूर्ण गर्भपात, अपरिहार्य गर्भपात और संक्रमित (सेप्टिक) गर्भपात हैं। हालांकि हल्द्वानी शहर और ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ रहे गर्भपात के मामलों को लेकर स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कोई जांच नहीं की गई है। इसलिए इन गर्भपात के प्रकार और कारणों की जांच नहीं हो पाई है।

पिछले एक साल में हल्द्वानी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में हुए गर्भपात
माह                गर्भपात
अप्रैल                06
मई                   08
जून                  04
जुलाई               09
अगस्त              15
सितंबर             09
अक्टूबर            09
नवंबर              06
दिसंबर            06
जनवरी            04
फरवरी           06
मार्च               09
(महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार)

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