मुरादाबाद : अवैध तरीके से अस्पताल चलाने में तीन पर मुकदमा
मुरादाबाद। मेडिकल स्टोर की आड़ में अगवानपुर में अवैध तरीके से अस्पताल चलाया जा रहा था। एसीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ सिविल लाइंस रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार शर्मा की तहरीर पर शेरुआ चौराहा हकीमपुर रोड निवासी डॉ. …
मुरादाबाद। मेडिकल स्टोर की आड़ में अगवानपुर में अवैध तरीके से अस्पताल चलाया जा रहा था। एसीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएचओ सिविल लाइंस रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार शर्मा की तहरीर पर शेरुआ चौराहा हकीमपुर रोड निवासी डॉ. महिला चौधरी, देशराज और सुमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
दरअसल, छजलैट के गांव लदावली निवासी बचन सिंह ने मंगलवार को सीएमओ के समक्ष पेश होकर एक शिकायती पत्र दिया था। बताया कि वह अपनी दो माह की गर्भवती पत्नी पूजा को लेकर पांच अप्रैल को शेरुआ हकीमपुर रोड स्थित राज मेडिकल स्टोर पर गया था। वहां सुमन और देशराज मिले और दोनों ने खुद को डॉक्टर बताया। दोनों ने बचन सिंह को भरोसा दिया कि 50 हजार रुपये में उसकी पत्नी का पूरा इलाज करेंगे। आरोप है कि 25 हजार रुपये एडवांस लेने के बाद सुमन ने बचन सिंह की पत्नी को दो इंजेक्शन कूल्हे पर एक और दाहिने हाथ पर लगाए थे। जिसके बाद उसके दाहिने हाथ में इंफेक्शन हो गया। अब हाथ काटने तक की नौबत आ गई।
बचन सिंह ने सीएमओ से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी। जिसके बाद एसीएमओ की टीम मंगलवार को ही जांच पड़ताल के लिए राज मेडिकल पर पहुंच गई। लेकिन, एसीएमओ के पहुंचने पर मेडिकल स्टोर बंद मिला। हालांकि उसके बगल में ही एक अस्पताल चलता मिला। जहां सुमन मौजूद मिली जबकि देशराज वहां से गायब था।
टीम ने जब अस्पताल संचालक से संबंधित दस्तावेज मांगे तो अस्पताल चला रही डॉ. महिला चौधरी कोई अभिलेख नहीं दिखा सकी। एसीएमओ की जांच में स्पष्ट हो गया कि अवैध तरीके से स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के लिए बना अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर एसीएमओ ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। एसएचओ रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी देशराज, सुमन और डॉ. महिला चौधरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी और इंडियन मेडिकल कांउंसिल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : पुलिस के गले की फांस बने कारोबारी कुशांक गुप्ता के कातिल
