काशीपुर: आठ करोड़ की लागत से बनेगा एआरटीओ भवन
अरुण कुमार, काशीपुर। नौ वर्षों के अथक प्रयासों से आखिरकार परिवहन विभाग को स्थायी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी भवन मिलने की उम्मीद जग गई है। कार्यदायी संस्था ने भवन निर्माण के लिए आठ करोड़ की लागत का प्रस्ताव तैयार शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इससे विभाग को …
अरुण कुमार, काशीपुर। नौ वर्षों के अथक प्रयासों से आखिरकार परिवहन विभाग को स्थायी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी भवन मिलने की उम्मीद जग गई है। कार्यदायी संस्था ने भवन निर्माण के लिए आठ करोड़ की लागत का प्रस्ताव तैयार शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इससे विभाग को प्रतिवर्ष होने वाले लाखों रुपये खर्च से निजात मिल सकेगी।
दरअसल 7 नवंबर 2013 से एआरटीओ कार्यालय किराए के भवन में संचालित हो रहा हैं। दो स्थानों पर किराए के भवन खाली करने के बाद अब कुंडेश्वरी रोड पर संचालित है। बार-बार भवन बदलने के लिए जसपुर, काशीपुर, बाजपुर से आने वाले लोगों को डीएल, वाहन स्थानांतरण, टैक्स जमा, परमिट समेत विभिन्न कार्य कराने के लिए भटकना पड़ता है। वर्तमान में भवन का किराया करीब साठ हजार रुपये हैं। इससे पूर्व वाले भवन का किराया डेढ़ लाख से अधिक वहन होता था।
इससे हर साल विभाग के लाखों रुपये किराये में चले जाते हैं। जिससे निजात पाने के लिए अधिकारियों ने मुख्यालय से स्थायी भवन बनाने की डिमांड की। स्वीकृति मिलने पर मुख्यालय ने भूमि की तलाश करने के निर्देश दिए थे। तत्कालीन एआरटीओ अनिता चंद ने काफी प्रयासों के बाद दोहरी वकील एस्कॉर्ट फार्म में जमीन तलाश की।
उन्होंने उक्त भूमि का प्रस्ताव शासन को भेज दिया। जिसका प्रशासन व परिवहन अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया। मुख्यालय ने पसंद आने पर उक्त भूमि पर भवन बनाने की मंजूरी दे दी। निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था मंडी परिषद को चुना गया है। इसी महीने कार्यदायी संस्था ने करीब आठ करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद भवन निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
भवन परिसर में ही बनेगा ऑटोमेटेड ट्रैक
काशीपुर। स्थायी भवन निर्माण पूर्ण होने के बाद परिसर में ही ऑटोमेटेड ट्रैक भी बनाया जाएगा। इससे चौपहिया वाहन का टेस्ट लेने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कार्यालय में टेस्ट पास होने के बाद चौपहिया वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस जारी हो सकेगा। बता दें कि कार्यालय में रखी सिमुलेटर मशीन लॉकडाउन से खराब पड़ी हुई है, लेकिन मुख्यालय, एआरटीओ ऑनलाइन कैमरे में आवेदक की कार ड्राइविंग देखते हैं, पास होने पर ही आवेदक को चौपहिया वाहन का लाइसेंस जारी होता है।
दोहरी वकील एस्कॉर्ट फार्म में स्थायी एआरटीओ भवन और इसी परिसर में ऑटोमेटेड ट्रैक बनेगा। कार्यदायी संस्था मंडी परिषद ने अप्रैल में ही करीब आठ करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने पर भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
-एके झा, एआरटीओ, काशीपुर
