हल्द्वानी: भीषण गर्मी में किए बेजुबानों की प्यास बुझाने के इंतजाम, हर कोई कर रहा इन्हें सलाम

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। इन दिनों आसमान से मानो आग बरस रही हो, भीषण गर्मी में इंसान तो इंसान बेजुबान जानवरों को भी परेशान कर दिया है। सड़क पर दौड़ते वाहनों के बीच गुजरते बेजुबान हों या फिर गली मोहल्लों में घूमते जानवर, भीषण गर्मी में पानी का इंतजाम न होने से परेशान हैं। वहीं परिदें …

हल्द्वानी, अमृत विचार। इन दिनों आसमान से मानो आग बरस रही हो, भीषण गर्मी में इंसान तो इंसान बेजुबान जानवरों को भी परेशान कर दिया है। सड़क पर दौड़ते वाहनों के बीच गुजरते बेजुबान हों या फिर गली मोहल्लों में घूमते जानवर, भीषण गर्मी में पानी का इंतजाम न होने से परेशान हैं। वहीं परिदें भी पानी की प्यास में चहकते देखे जा सकते हैं। ऐसे में बेजुबान जानवरों की इसी पीड़ा को समझते हुए वंदे मातरम ग्रुप ने अनूठी पहल शुरू की है।

बेजुबान को पानी पिलाते वंदे मातरम ग्रुप के संयोजन शैलेंद्र सिंह दानू।

35 से 50 लीटर के खुले प्याऊ बनाकर ग्रुप के सदस्य लोगों को मुहैया करा रहे हैं। ताकि पशु पक्षियों को भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकना न पड़े। खास बात यह है कि बगैर कोई पैसा लिए यह प्याऊ उन्हीं लोगों को दिए जा रहे हैं जो कि इनकी देखरेख का जिम्मा लेने को तैयार है। अब तक करीब 25 प्याऊ हल्द्वानी क्षेत्र में बांट दिए गए हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है।

आवास विकास क्षेत्र में घर के बाहर रखे प्याऊ में पानी भरतीं महिलाएं।

वंदे मातरम ग्रुप के संयोजक शैलेंद्र सिंह दानू ने बताया कि भीषण गर्मी में बेजुबानों की प्यास बुझाने के इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए सीमेंट से बने प्याऊ उन लोगों को बांटे जा रहे हैं जो स्वेच्छा से इनमें पानी भरने और बेजुबानों के प्रति संजीदा हैं। उन्होंने सामर्थवान लोगों से अपील की है कि वह भी अपने घर के आसपास बेजुबान जानवरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करें। जो सक्षम नहीं हैं वह ग्रुप से संपर्क कर प्याऊ की मांग कर सकते हैं। शर्त इतनी है कि प्याऊ में स्वच्छ जल भरकर बेजुबानों को मुहैया कराना होगा।

बेजुबानों के लिए प्याऊ में पानी भरते शैलेंद्र सिंह दानू और चंदू मेहता।

इधर, वंदे मातरम ग्रुप की इस पहल की क्षेत्र में खूब तारीफ भी हो रही है। भारतीय गो सेवा संघ के जिलाध्यक्ष चंदू मेहता ने कहा कि गर्मी में इंसान तो किसी न किसी तरह से बचाव के इंतजाम कर लेता है लेकिन बेजुबान जानवर कैसे अपनी पीड़ा बताएं। ऐसे में भीषण गर्मी में पानी का इंतजाम कर जानवरों को कुछ तो राहत दी ही जा सकती है।

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