बरेली में टीबी तो बदायूं में पांव पसार रहा कुपोषण
बरेली, अमृत विचार। तीन साल से कोरोना का प्रकोप चल रहा है। वर्तमान में संक्रमण कम हुआ तो अन्य बीमारियों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। 15 से 30 अप्रैल तक मंडल में दस्तक अभियान चलाया गया, जिसकी सर्वे रिपोर्ट में बरेली में टीबी तो बदायूं में कुपोषण के अधिक मामले सामने आए …
बरेली, अमृत विचार। तीन साल से कोरोना का प्रकोप चल रहा है। वर्तमान में संक्रमण कम हुआ तो अन्य बीमारियों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। 15 से 30 अप्रैल तक मंडल में दस्तक अभियान चलाया गया, जिसकी सर्वे रिपोर्ट में बरेली में टीबी तो बदायूं में कुपोषण के अधिक मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन को इस बाबत रिपोर्ट भेज दी गई है।
मलेरिया के मरीज कम
विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू, मलेरिया की रोकथाम के लिए दस्तक अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभाग की टीमों ने डोर टू डोर सर्वे कर डेंगू, मलेरिया, कुपोषण, कोरोना, टीबी, बुखार को लेकर लोगों की स्क्रीनिंग की। इसके साथ ही बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया। इस सर्वे में मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए विशेष रूप से फोकस किया जाता है, लेकिन सर्वे के दौरान पूरे मंडल में अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक रही।
कहां कितने मरीज मिले
जिला – घरों का सर्वे – बुखार – कुपोषण – टीबी
बरेली – 847915 – 1930 – 15 – 573
बदायूं – 557738 – 1623 – 154 – 218
पीलीभीत – 376017 – 126 – 47 – 20
शाहजहांपुर – 403551 – 646 – 131 – 169
तीन जिलों में मलेरिया के मरीज शून्य
दस्तक अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से सर्वे के दौरान तीन जिलों पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में एक भी मरीज में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि बरेली में दो मलेरिया के धनात्मक रोगी पाए गए हैं। जिनको विभाग की ओर से इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
मलेरिया रोगी के मामले में 2018 में प्रदेश में पहले स्थान पर था बरेली
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में मलेरिया के मामले में जिला प्रदेश में पहले स्थान पर था, हालांकि प्रदेश भर में बरेली में ही व्यापक अभियान चलाकर सबसे अधिक मलेरिया और डेंगू की जांचें भी की गई थीं।
दस्तक अभियान के दौरान मंडल के तीन जिलों में मलेरिया के मरीज की संख्या शून्य हैं। वहीं टीबी और कुपोषण के मरीजों संख्या अधिक है। इस बाबत शासन को रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है।—डॉ. अखिलेश्वर सिंह, मंडलीय सर्विलांस अधिकारी
