हल्द्वानी: हत्थे चढ़ा घोड़ासहन गैंग का शातिर, चेलुवा और बेलुवा फरार

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हल्द्वानी,अमृत विचार। ठंडी सड़क पर लाखों की चोरी को अंजाम देने वाले अंतरराष्ट्रीय घोड़ासहन गैंग के एक और शातिर को पुलिस ने रंगेहाथ धर दबोचा। आरोपी उस वक्त गिरफ्त में आया, जब वो एक नई वारदात को अंजाम दे रहा था। इस गैंग के दो शातिर चेलुवा और बेलुवा की पुलिस को अभी भी तलाश …

हल्द्वानी,अमृत विचार। ठंडी सड़क पर लाखों की चोरी को अंजाम देने वाले अंतरराष्ट्रीय घोड़ासहन गैंग के एक और शातिर को पुलिस ने रंगेहाथ धर दबोचा। आरोपी उस वक्त गिरफ्त में आया, जब वो एक नई वारदात को अंजाम दे रहा था। इस गैंग के दो शातिर चेलुवा और बेलुवा की पुलिस को अभी भी तलाश है।

ठंडी सड़क भोटियापड़ाव स्थित मोबाइल शोरूम में चोरी के बाद इस गैंग का नाम सामने आया था। जिसके फरार दो आरोपी चेलुवा व बेलुवा पर 50000 का ईनाम भी घोषित है। बीते शुक्रवार की रात पुलिस ने एक शातिर चोर को लोहनी टी स्टाल रामपुर रोड से गिरफ्तार किया। शातिर दुकान का तोड़ रहा था। जिसके खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी ने अपना नाम मो. जमीर निवासी देमा धानक मननपुर देवा परसौनी सीतामणि बिहार बताया है।

आरोपी ने बताया कि मेरा दोस्त सिराज कुछ साल पहले अपने गैंग के सदस्य चेलुवा, बेलुवा के साथ हल्द्वानी में एक मोटी चोरी में शामिल रहा था। सिराज ने बताया था कि हल्द्वानी में अच्छे मोबाइल शोरुम हैं। मैं अपने दोस्त पिंटू, सुरेंद्र दास व ठेकेदार सिराज के साथ ईद के समय हल्द्वानी आया था। क्योंकि उस समय दुकानदार अपनी दुकानो में महंगे व अधिक मोबाइल फोन रखते हैं।

आरोपी इस दौरान मुसाफिरखाने मे रह रहे थे और पिन्टू नैनीताल रोड स्थित वन प्लस के शोरूम में रैकी कर रहा था। ईद पर पुलिस की सक्रियता चोरी के लिए और साथियो की जरुरत पड़ी। ऐसे में जमीर हल्द्वानी में ही रुक गया। जबकि पिंटू, सुरेंद्र और जगह चले गए। मुझे पैसों की की जरूरत पड़ी तो रामपुर रोड से एक खोखे का ताला तोड़ दिया, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। टीम में कोतवाली हरेन्द्र चौधरी, टीपीनगर चौकी प्रभारी संजीत राठौर, एसआई विकास रावत, का. घनश्याम रौतेला, का. भगवान सैलाल, का. सुन्दर सिंह, का. विनोद यादव रहे।

अलग-अलग राज्यों से चोरी मोबाइल नेपाल में बेचे
आरोपी ने बताया कि वो और उसके साथी अलग-अलग राज्यों में मोबाइल शोरुम व सर्राफा की दुकानों में रेकी कर चोरी करते हैं। पूर्व में दिल्ली से 52 मोबाइल, सहारनपुर से 80 मोबाइल चोरी कर नेपाल में बेचे। जहां मोबाइल नम्बरों को आईएमईआई के माध्यम से ट्रैस नही किया जा सकता। जिस कारण आरोपी हम पकड़ में नही आते।

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