दक्षिण कोरिया के निर्वाचित राष्ट्रपति की बढ़ी मुश्किलें, उत्तर कोरिया के परमाणु खतरे का करना होगा सामना

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सियोल। दक्षिण कोरिया के निर्वाचित राष्ट्रपति यून सुक योल के सामने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और उसके द्वारा नियमित रूप से मिसाइल परीक्षण किए जाने संबंधी खतरों से निपटने की कड़ी चुनौती है। अपने चुनाव प्रचार के दौरान यून सुक योल ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल …

सियोल। दक्षिण कोरिया के निर्वाचित राष्ट्रपति यून सुक योल के सामने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम और उसके द्वारा नियमित रूप से मिसाइल परीक्षण किए जाने संबंधी खतरों से निपटने की कड़ी चुनौती है। अपने चुनाव प्रचार के दौरान यून सुक योल ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि सत्ता में आने पर वह अपने प्रतिद्वंद्वी को कुछ शिष्टाचार सिखाएंगे और अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत कर उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों से सख्ती से निपटेंगे।

हालांकि, मंगलवार को पांच साल के कार्यकाल के लिए पदभार ग्रहण करने के साथ ही यून सुक योल को बेहद संयम से काम करना होगा। उन्हें बड़ी ही चतुराई और राजनीतिक कौशल के साथ किम जोंग उन का सामना करना पड़ेगा।

दरअसल, किम जोंग उन सार्वजनिक तौर पर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की धमकी देते हैं और उन्होंने हाल ही में कहा था कि उत्तर कोरिया आगामी चार वर्षों के भीतर परमाणु हथियार का परीक्षण करेगा। उत्तर कोरिया की यह रणनीति रही है कि वह परमाणु और मिसाइल परीक्षणों की धमकी देकर भविष्य में होने वाली वार्ताओं में दक्षिण कोरिया और अमेरिका की नयी सरकारों को अपनी शर्तें मनवाने के लिए बाध्य करने की कोशिश करता है।

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