हल्द्वानी: नंबर लिख 98971 उसके आगे डम डिगा डम डम डम….क्या है पूरा मामला?

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सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। ये कहानी मजेदार है, क्योंकि कहानी एक इत्तेफाक पर आधारित है। इसी इत्तेफाक से बच्चे के मन पर प्रैंक करने का ख्याल आया। ये ख्याल कुछ नंबरों के हूबहू मिलान से आया और जब कुछ और नंबर जोड़ कर डायल किया गया तो कॉल डॉक्टर वैभव कुच्छल को लग गई। दरअसल, …

सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार। ये कहानी मजेदार है, क्योंकि कहानी एक इत्तेफाक पर आधारित है। इसी इत्तेफाक से बच्चे के मन पर प्रैंक करने का ख्याल आया। ये ख्याल कुछ नंबरों के हूबहू मिलान से आया और जब कुछ और नंबर जोड़ कर डायल किया गया तो कॉल डॉक्टर वैभव कुच्छल को लग गई।

दरअसल, बॉलीवुड सिंगर टोनी कक्कड़ का एक गाना वर्ष 2021 में रिलीज हुआ। जिसे उन्होंने न सिर्फ गाया, बल्कि इस वीडियो सांग पर उन्होंने अभिनय भी किया। गाने के शुरुआती बोल, ‘नंबर लिख 98971 इसके आगे डम डिगा डम डम डम…’। इस गाने ने यू ट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर खूब सुर्खियां बटोरी। गाना युवाओ को भी खूब पसंद आया। अब इस गाने और डॉक्टर वैभव कुच्छल के बीच इत्तेफाक ये है कि गाने में मौजूद डिजिट 98971 डॉक्टर वैभव कुच्छल के मोबाइल नंबर की शुरुआती फाइव डिजिट है।

इसमें एक इत्तेफाक बच्चे के जीमेल एकाउंट के पासवर्ड से भी जुड़ा है, क्योंकि जीमेल एकाउंट के पासवर्ड में भी शुरुआती फाइव डिजिट 98971 है और मजे की बात ये है कि बच्चे ने छह माह पहले ही इस एकाउंट को बनाया था। इस इत्तेफाक ने बच्चे के मन में प्रैंक करने का ख्याल पैदा किया। बच्चे का कहना है कि इन सेम डिजिट के आगे और पांच नंबर जोड़कर उसने कॉल करने की सोची और सोचा कि मजे लिए जायें। 98971 के आगे उसने अपने मन मुताबिक पांच और डिजिट जोड़ दिए और फिर 10 डिजिट का जो मोबाइल नंबर सामने आया वो बच्चे को खूब पसंद आया। उसे पता नहीं था कि ये नंबर किसका है। उसने कॉल दिया और कॉल डॉक्टर वैभव कुच्छल को लग गया।

गले पड़ गए गले के डॉक्टर, दिमाग के होते तो समझ जाते
हल्द्वानी। कॉल करने वाला बच्चा बेहद तेज दिमाग है। उसका आईक्यू लेवल बहुत अच्छा है। उसे ये पता है कि जिस डॉक्टर को उसने फोन किया था वह नाक, कान और गले के डॉक्टर हैं। आठ साल के बच्चे को डॉक्टर-डॉक्टर में फर्क पता होना बड़ी बात है। उसने डॉक्टर से कहा कि उसने ही उन्हें फोन किया था, लेकिन वह सिर्फ एक प्रैंक था। हालांकि चिकित्सक को भरोसा नहीं हुआ। बातचीत में बच्चे ने कहा कि वह गले के डॉक्टर है और मेरे गले ही पड़ गए हैं। अगर वो दिमाग के डॉक्टर होते तो मेरी बात जरूर समझ जाते। बच्चे के इस तर्क से वहां मौजूद तमाम लोगों को हंसी आई और बच्चे की समझ ने लोगों को हैरान भी कर दिया।

बच्चे ने दो दिन पहले भी किया था मां के मोबाइल से कॉल
हल्द्वानी। बच्चे ने सोमवार से ठीक दो दिन पहले भी डॉक्टर कुच्छल को कॉल किया था। बच्चे के पिता ने बताया कि उन्हें इन सबका पता नहीं चला। दरअसल, बच्चे की मां को एक हादसे में पैर में चोट लग गई थी। सोमवार को पिता उन्हें चिकित्सक के पास ले गए थे और बच्चे की मां का मोबाइल घर पर रह गया था। इसके बाद बच्चे ने डॉक्टर को कॉल लगा दिया। पिता ने बताया कि बच्चा अपनी मां के मोबाइल पर ही गेम खेलता है। इसी फोन पर उसने अपना यूट्यूब चैनल भी बनाया था। जिसमें उसके तीन सौ फॉलोवर थे लेकिन ये फॉलोवर उसे कम लगे और उसने चैनल डिलीट कर दिया। अब वह नया चैनल बनाने को कह रहा है।

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