हल्द्वानी: बस्तियां तोड़े जाने के विरोध में नन्हे मुन्नों का ‘बाल सत्याग्रह’
हल्द्वानी,अमृत विचार। रेलवे भूमि पर अतिक्रमण की आड़ में बस्तियां तोड़े जाने के विरोध में बच्चों ने बाल सत्याग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण के नाम पर स्कूल,घर, अस्पताल तोड़ने की साजिश है। बच्चों ने राज्य सरकार से पुनर्वास की मांग की है। सोमवार को बस्ती बचाओ संघर्ष समिति, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, प्रगतिशील …
हल्द्वानी,अमृत विचार। रेलवे भूमि पर अतिक्रमण की आड़ में बस्तियां तोड़े जाने के विरोध में बच्चों ने बाल सत्याग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण के नाम पर स्कूल,घर, अस्पताल तोड़ने की साजिश है। बच्चों ने राज्य सरकार से पुनर्वास की मांग की है।
सोमवार को बस्ती बचाओ संघर्ष समिति, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र व परिवर्तनकामी छात्र संगठन के संयुक्त बैनर तले रेलवे अतिक्रमण की जद में आ रहे सैकड़ों लोग बच्चों के साथ बुद्ध पार्क में इकट्ठा हुए। यहां बच्चों ने बाल सत्याग्रह किया।
उन्होंने हाथों में घर टूटा तो कहां रहेंगे, स्कूल टूटा तो कहां पढ़ेंगे जैसे पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। बच्चों ने कहा कि रेलवे जिस भूमि पर मालिकाना हक जता रहा है, उस जमीन पर उनके स्कूल, घर, अस्पताल हैं। रेलवे अतिक्रमण के नाम पर उनके स्कूल तोड़ देगा तो वे कहां पढ़ेंगे। घर टूट जाएंगे तो वे कहां रहेंगे। वे अपने परिवार वालों के साथ बेघर हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार को उन्हें बसाने के लिए काम करना चाहिए न कि उन्हें उजाड़ने के लिए। बच्चों ने गाने गाकर अपना विरोध जताया और बस्ती ध्वस्त नहीं करने की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में ठोस पैरवी करने की मांग की। बाल सत्याग्रह का संचालन कक्षा सात के अनुराग व इंटर की छात्रा आलिया ने किया।
इस मौके पर रजनी जोशी, जमील कुरैशी, रफीक, प्रकाश, नसीम, शहजाद, खलील सिद्दीकी, अल्तमस, परवीन, आफताब, शाहनाज, चंदन, शेखर, रईस, दिनेश भट्ट, शहनाज, आरती, खात्मा, फरजाना, नाजमा, मिराज, निसां, अमीना, साबरा, तस्लीम अंसारी, रियासत, उमेश आदि मौजूद रहे।
इन संगठनों ने लिया हिस्सा: बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के अलावा क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन आदि शामिल थे।
