हल्द्वानी: मरीज ने खिड़की के टूटे कांच से गला, पेट और सीना काटा, खिड़की से कूदने की कोशिश

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हल्द्वानी, अमृत विचार। सुबह ठंडी सड़क स्थित एक अस्पताल में हंगामा हो गया। यहां भर्ती एक मरीज ने पहली मंजिल की खिड़की तोड़ी और कूदकर जान देने की कोशिश की। उसने खिड़की के टूटे कांच से खुद के शरीर को लहूलुहान कर डाला। सूचना पर पहुंची दमकल और पुलिस के सिपाहियों ने उसे पकड़ने की …

हल्द्वानी, अमृत विचार। सुबह ठंडी सड़क स्थित एक अस्पताल में हंगामा हो गया। यहां भर्ती एक मरीज ने पहली मंजिल की खिड़की तोड़ी और कूदकर जान देने की कोशिश की। उसने खिड़की के टूटे कांच से खुद के शरीर को लहूलुहान कर डाला। सूचना पर पहुंची दमकल और पुलिस के सिपाहियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो मरीज ने उन पर भी हमला कर दिया। कांच के वार से दमकल का एक सिपाही बुरी तरह लहूलुहान हो गया।

बमुश्किल मरीज को काबू किया गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए उसी अस्पताल में दोबारा भर्ती किया गया। टीनशेड दमुवाढूंगा निवासी राजेश आर्या (50) पुत्र नंद लाल यहां पत्नी कमला व बच्चों के साथ रहते हैं। फाइबर फ्रेमिंग का काम करने वाले राजेश को एनीमिया की शिकायत थी। इसके चलते दो दिन पहले राजेश को ठंडी सड़क स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राजेश का बेड अस्पताल की पहली मंजिल पर था। बताया जाता है कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे अचानक राजेश ने अपना आपा खो दिया।

उसने पड़ोसी मरीज के बेड के पास लगी कांच खिड़की तोड़ दी और कूदने के लिए खिड़की के बाहर लगे एसी के कंप्रेशर पर खड़ा हो गया। यह देख अस्पताल में हड़कंप मच गया। राजेश को लोगों को पहली मंजिल से कूद कर जान देने की धमकी दे रहा था। यह देख अस्पताल कर्मचारियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, जिस पर उसने खिड़की का कांच हाथ में उठा लिया और लोगों पर हमलावर हो गया। हद तो तब हो गई जब कांच के टुकड़े से उसने खुद को जख्मी करना शुरू कर दिया।

उसने अपने गले, पेट और सीने पर एक के बाद कई घाव कर दिए। आनन-फानन में लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस, भोटिया पड़ाव चौकी पुलिस और दमकल मौके पर पहुंच गई। इसी बीच दमकल के सिपाही गणेश बिष्ट ने उसे पकड़ने की कोशिश की जिस पर राजेश ने उसके हाथ पर कांच से हमला कर काट दिया।

राजेश दूसरा वार कर पाता, इससे पहले ही कोतवाली के सिपाही वीरेंद्र ने उसे काबू कर लिया। राजेश बुरी तरह जख्मी था, जिसका बाद में उसी अस्पताल में उपचार किया गया। भोटियापड़ाव चौकी प्रभारी प्रकाश पोखरियाल का कहना है कि राजेश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही। इस मामले में अभी तक किसी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।

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