लखीमपुर-खीरी: अपराधी बेलगाम, जनता पर कहर ढा रही पुलिस

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखीमपुर-खीरी,अमृतविचार। योगी सरकार भले ही जनता को थाने पर न्याय मिलने का दावा करती हो, लेकिन यह दावा जिले में फेल होता दिख रहा है। थाना फरधान में हमलवारों द्वारा युवक की बेहरमी से की गई पिटाई और जिला कारागार के बंदी की जिला अस्पताल में हुई मौत। यह दोनों घटनाएं बानगी भर हैं। पुलिस …

लखीमपुर-खीरी,अमृतविचार। योगी सरकार भले ही जनता को थाने पर न्याय मिलने का दावा करती हो, लेकिन यह दावा जिले में फेल होता दिख रहा है। थाना फरधान में हमलवारों द्वारा युवक की बेहरमी से की गई पिटाई और जिला कारागार के बंदी की जिला अस्पताल में हुई मौत। यह दोनों घटनाएं बानगी भर हैं।

पुलिस अफसरों का प्रभारी निरीक्षकों पर कोई नियंत्रण नहीं है। जिले में बेपटरी हुई कानून व्यवस्था को दुरस्त करने में नाकाम पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसने के बजाय जनता पर अपनी खीझ उतार रही है। खासबात यह है कि एसपी के आदेश के बाद भी फरधान पुलिस ने रतसिया में युवक की बेरहमी से की गई पिटाई मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी।

थाना फरधान के गांव रतसिया निवासी सुशील कुमार की जमीन विवाद में गांव के ही दबंग लोगों ने लाठी-डंडों और तमंचों की बटों से बेहरमी से मारापीटा था। परिवार वाले उसे जब थाने ले गए तो पुलिस ने एक नहीं सुनी और उसे भगा दिया। घर वालों को उम्मीद थी कि वह एसपी के पास जाएंगे तो उन्हें न्याय मिलेगा, लेकिन उनकी इस उम्मीद पर भी पानी फिर गया।

पत्नी और भाई घायल को लेकर शुक्रवार को ही एसपी के सामने पेश हुए थे। एसपी ने उन्हें थाने भेजा। जब वह थाने पहुंचे तो पुलिस के बर्ताव में कोई बदलाव नहीं आया। यहां तक पुलिस महिला और उसके परिवार वालों का उपहास उड़ाती रही। तड़प रहे घायल को अस्पताल में भी नहीं भर्ती कराया।

पुलिस के कार्रवाई न करने पर शनिवार को भी पीड़िता पति को लेकर एसपी दफ्तर पहुंची थी, लेकिन उसे फिर थाने के लिए भेज दिया गया। शनिवार को गोला कोतवाली पुलिस पर अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई से मौत होने के आरोप लगे। इसको लेकर जमकर बवाल हुआ। यह तो सिर्फ बानगी भर है।

जिले में कई ऐसे मामले हैं, जिनमें पुलिस कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों को ही प्रताड़ित कर रही है। अफसर भी शिकायत मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अफसरों के कार्रवाई न करने से प्रभारी निरीक्षक से लेकर थानेदार तक बेलगाम हैं। थानेदारों में अधिकारियों का कोई खौफ नहीं है।

साहब थाने अब हम नाय जइबा हुआं सब हसत है
थाना फरधान के गांव रतसिया निवासी घायल सुशील शुक्ला की पत्नी मनोरमा शुक्ला शनिवार को एसपी दफ्तर आई थी। उसने एसपी से मुलाकात की। बाहर निकलने पर बताया कि साहब ने थाने जाने को कहा है, लेकिन साहब अब हम थाने नाय जाइब। हमरी हुआ कोई सुनत नाय और हसत हैं।

वह यह कहते हुए फफक पड़ी की उसके पास जो थोडे बहुत रुपये थे। उसकी दवा करा ली है। अब वह घर पर ही हल्दी आदि लगाकर घरेलू उपचार करेगी। पुलिस से न्याय न मिलने से वह काफी दुखी थी। उसका कहना था कि बड़े साहब पर बहुत भरोसा था, लेकिन यह पता चल गया कि पुलिस भी गरीबों के लिए नहीं है।

इसे भी पढ़ें- लखीमपुर-खीरी: एसपी के कहने पर घायल पति को लेकर थाने पहुंची पीड़िता तो बनाई मजाक, थाने से भगाया

संबंधित समाचार