लखनऊ: दो लाख लेकर नहीं दिया बिजली का कनेक्शन, आठ हजार का थमा दिया बिल
लखनऊ। बिजली विभाग के अधिकारियों के अजब-गजब के कारनामे सामने आ रहे हैं। ताजा मामला यह है कि एक उपभोक्ता से ट्यूबवेल के नाम पर सितंबर 2021 में दो लाख रुपये विभाग ने जमा करा लिया। उसे ट्यूबवेल का सामान तक नहीं दिया गया। फिर कुछ दिन बाद 8000 रुपये का बिजली बिल उपभोक्ता को …
लखनऊ। बिजली विभाग के अधिकारियों के अजब-गजब के कारनामे सामने आ रहे हैं। ताजा मामला यह है कि एक उपभोक्ता से ट्यूबवेल के नाम पर सितंबर 2021 में दो लाख रुपये विभाग ने जमा करा लिया। उसे ट्यूबवेल का सामान तक नहीं दिया गया। फिर कुछ दिन बाद 8000 रुपये का बिजली बिल उपभोक्ता को भेज दिया। इस बात से परेशान बदायूं का उपभोक्ता अब लखनऊ में अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहा है।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड पर जनसुनवाई के दौरान उपभोक्ता ने अधिकारियों से अपनी आप बीती सुनाई। बाद में अधिकारियों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि उसे ट्यूबवेल का सामान दिया जाएगा जो बिल को लेकर गलती हुई है उसे दुरुस्त कराया जाएगा। इसी तरह तमाम अन्य उपभोक्ता भी शिकायत लेकर सीनियर अफसरों के पास पहुंचे। यह जनसुनवाई मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मुख्यालय पर आयोजित की गई थी।
बदायूं निवासी उपभोक्ता श्याम कुमार और पातीराम ने बताया कि ट्यूबवेल कनेक्शन उन्होंने कराया था। 10 माह बाद अब तक सामान नहीं मिला। रुपये लेने के दौरान उनसे कहा गया था कि सामान कल आपके दरवाजे पर पहुंच जाएगा। लेकिन यह सिर्फ आश्वासन बनकर रह गया। अब पूछताछ करने पर स्थानीय अधिकारी बता रहे हैं कि सामान भेजा जा चुका है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जनसुनवाई में मौजूद मानव संसाधन विकास के मुख्य अभियंता अंशुमान यादव से शिकायतों के बारे में पूछा गया तो उनका कहना है कि गलत लोगों की सलाह पर लोग काम कर रहे हैं। पहले जिस तरह का भ्रष्टाचार विभाग में था। आज की वर्तमान सरकार ने शिकंजा कसा है। कोई भी शिकायत आती है तो उसकी अवधि इसलिए नहीं तय की जा सकती कि शिकायत है कैसी। हमारी कोशिश है कि जल्द उपभोक्ता की समस्या का समाधान करा दिया जाए। उपभोक्ता श्याम कुमार और पातीराम मामले की जांच कराई जाएगी। दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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