बागेश्वर: सत्ता की हनक में नियम तोड़ रहे भाजपा कार्यकर्ता

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बागेश्वर, अमृत विचार। सत्ता की हनक में भाजपा के कुछ कथित कार्यकर्ता अब पुलिस को धमकाने लगे हैं। उनके द्वारा यातायात के नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। जब उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुलिस कोई चालानी कार्रवाई कर रही है तो ये पुलिस को ही धमकाने लगे हैं। जनपद की यातायात व्यवस्था पिछले कुछ …

बागेश्वर, अमृत विचार। सत्ता की हनक में भाजपा के कुछ कथित कार्यकर्ता अब पुलिस को धमकाने लगे हैं। उनके द्वारा यातायात के नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। जब उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुलिस कोई चालानी कार्रवाई कर रही है तो ये पुलिस को ही धमकाने लगे हैं।

जनपद की यातायात व्यवस्था पिछले कुछ माह से पटरी से उतरती दिख रही है। बाजार में बुलेट में रेटो साइलेंसर हो या फिर बिना हेलमेट के बाइक में तीन सवारियां ले जाने आम हो गया है। ये कथित कार्यकर्ता नेताओं के नाम पर नियम-कानूनों को ठेंगा दिखा रहे। बल्कि सत्ता का रौब गांठकर पुलिस-प्रशासन को अनावश्यक दबाव में भी ले रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर पुलिस अधिकारी भी दबी जुबान से कहते हैं कि इन हालातों में पुलिस का मनोबल लगातार गिर रहा है।

पुलिस स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही है। ईमानदारी से ड्यूटी करने वाले पुलिस अफसर भी अब कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों पर हाथ डालने से झिझक रहे हैं। न जाने कौन बड़ा नेता कार्यकर्ताओं को परेशान करने का आरोप मढ़ दे। नियमों का उल्लंघन करने वाले व नेताओं की रौब गांठने वाले अधिकांश युवा कार्यकर्ता हैं।

इससे पार्टी की छवि भी खराब हो रही है। बता दें कि बागेश्वर पुलिस ने हाल ही में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसना शुरू किया, जो पुलिस पर भारी पड़ा। पुलिस अफसर हो या कोई सिपाही, रोकते ही ये छुटभय्ये नेता आंखें तरेरते हुए गाड़ी से उतरते हैं। गाड़ी के कागज दिखाने को कहना तो इनकी शान के खिलाफ है।

पुलिस कर्मियों पर रौब गांठते हुए ये कहते हैं मैं विधायक, मंत्री का खास आदमी हूं या फिर मैं फलां फलां पार्टी के जिलाध्यक्ष का रिश्तेदार हूँ। दबाव बनाने को इनके बोलने का ढंग भी बदल जाता है। तू-तड़ाक के साथ ये पेश आते हैं। पुलिस कर्मी जरा भी भारी पड़े तो फोन पकड़ाकर सीधे नेता जी या पार्टी के जिलाध्यक्ष से बात करने को कहते हैं।

जनप्रतिनिधियों के नाम पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों, कर्मियों या किसी भी व्यक्ति पर रौब गांठने और अनावश्यक दबाव बनाने की कानून किसी को भी इजाजत नहीं देता। ऐसी कोई भी शिकायत मिलने पर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। भाजपा संगठन इस प्रकार के व्यवहार की कतई इजाजत नहीं देता। – सुरेश गढ़िया, विधायक कपकोट

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