किच्छा: बिना रजिस्ट्रेशन संचालित निजी अस्पताल सीज
किच्छा, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रेशन के बिना संचालित किये जा रहे निजी अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीज कर दिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में खामियां और अनियमिततायें पायी गयी। प्रबंधक द्वारा पंजीकरण के बिना ही दो मरीजों को ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था। प्रशासन की टीम ने दोनों …
किच्छा, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रेशन के बिना संचालित किये जा रहे निजी अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीज कर दिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में खामियां और अनियमिततायें पायी गयी। प्रबंधक द्वारा पंजीकरण के बिना ही दो मरीजों को ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था। प्रशासन की टीम ने दोनों मरीजों को सीएचसी किच्छा भिजवा दिया है।
जानकारी के अनुसार अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तपन कुमार शर्मा के नेतृत्व में प्रशासन की टीम नगर के बरेली मार्ग सिरौली कला, वार्ड 19 स्थित लाइफ लाइन अस्पताल पहुंची। इस दौरान अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला, जबकि एक महिला तथा एक पुरुष मरीज को ऑपरेशन के लिए वार्ड में भर्ती किया गया था। प्रशासन की टीम द्वारा अस्पताल का निरीक्षण करने पर ओटी कक्ष, मरीज वार्ड तथा अस्पताल परिसर में गंदगी पाए जाने पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शर्मा ने सिरौली कला निवासी अस्पताल प्रबंधक मोहम्मद दानिश को जमकर फटकार लगाई।
रजिस्ट्रेशन संबंधी दस्तावेज की मांगे तो अस्पताल प्रबंधक कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाया। प्रबंधक दानिश ने बताया कि उनके द्वारा रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया गया है। एसीएमओ ने अस्पताल में भर्ती मरीज किच्छा निवासी ओमप्रकाश के बारे में पूछा तो मरीज के परिजनों ने बताया कि ओम प्रकाश हर्निया से ग्रसित है। उसका ऑपरेशन गत 8 जून को डॉ. अमित वर्मा द्वारा किया गया है। मरीज के परिजनों के अनुसार उनके द्वारा ऑपरेशन की एवज में अस्पताल प्रबंधक को 10 हजार की धनराशि जमा कराई गई थी।
मरीजों से जानकारी लेने के बाद एसीएमओ डॉ शर्मा ने दोनों मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किच्छा में भिजवा दिया। डॉ. शर्मा ने प्रबंधक को मरीज द्वारा जमा की गई धनराशि तथा मरीज की फाइल परिजनों को वापस करने के भी निर्देश दिए। जांच के दौरान टीम के सामने यह बात भी सामने आई कि अस्पताल प्रबंधक द्वारा डॉ हरेंद्र पाल एवं डॉ अमित वर्मा के साथ मरीजों के उपचार का अनुबंध दर्शाया गया है। टीम के पहुंचने की सूचना पर डॉ. हरेंद्र पाल मौके पर पहुंचे और अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए। डॉ. तपन शर्मा ने कहा कि अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर राजस्व निरीक्षक घनेश कुमार शर्मा, वीपीएम आरपी सिंह, पुलिसकर्मी महेंद्र सिंह बिष्ट व ललित चौधरी आदि मौजूद रहे।
दो दिन का मांगा समय
इस निजी अस्पताल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में ऑपरेशन के बाद एक नवजात की मौत हो गई थी। अस्पताल प्रबंधक मोहम्मद जिशान ने डॉ तपन शर्मा के सामने दो दिन का समय दिए जाने की मांग रखी और अस्पताल को सीज ना करने का भी आग्रह किया। डॉ तपन शर्मा ने उनको जमकर फटकार लगायी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जुर्माना लगाकर समय दिए जाने के बावजूद पंजीकरण नहीं किया गया। किसी भी कीमत पर मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री से की गई थी शिकायत
लाइफ लाइन अस्पताल में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में कार्यवाही करने पहुंची प्रशासन की टीम ने बताया कि गत दिवस स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत द्वारा विभागीय अधिकारियों के साथ ली गई। बैठक के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लाइफ लाइन अस्पताल के खिलाफ लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई थी। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद शिकायत सही पाए जाने पर अस्पताल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई गई।
जुर्माना लगाने के बाद भी नहीं किया पंजीकरण
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विगत 28 मई को भी लाइफ लाइन अस्पताल का औचक निरीक्षण करते हुए तमाम अनियमितताएं तथा खामियां पाई गई थी। निरीक्षण के दौरान भी अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। विभागीय टीम ने तमाम खामियां जाए पाए जाने के बाद उक्त अस्पताल पर 25 हजार का जुर्माना लगाते हुए जल्द रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद करीब 10 दिन का समय बीतने के बाद भी अस्पताल प्रबंधक द्वारा पंजीकरण के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई।
