रुद्रपुर: रुपये दोगुने करने वाली एक और चिटफंड कंपनी फरार
रुद्रपुर, अमृत विचार। रुपये दोगुने करने का लालच देकर चिटफंड कंपनी के सदस्यों ने तमाम लोगों को 2.38 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। निर्धारित अवधि के बाद रुपया वापस मांगने पर सदस्यों ने की गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दी। चार पीड़ित महिलाओं ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। …
रुद्रपुर, अमृत विचार। रुपये दोगुने करने का लालच देकर चिटफंड कंपनी के सदस्यों ने तमाम लोगों को 2.38 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। निर्धारित अवधि के बाद रुपया वापस मांगने पर सदस्यों ने की गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दी। चार पीड़ित महिलाओं ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
थाना ट्रांजिट कैंप निवासी अंजलि नंदी, माया देवी, डोली देवी और पुष्पा दास ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि छह वर्ष पूर्व उनके पास थाना ट्रांजिट कैंप निवासी रिपन सरकार व गौर ढाली, गोकुल नगरी, स्वर्ग फार्म थाना बिलासपुर जिला रामपुर, यूपी निवासी विधान व्यापारी व दिनेश व्यापारी और जगतपुरा, रुद्रपुर निवासी अमरीश मंडल आये और उनको चिटफंड के बारे में समझाने लगे। साथ ही आश्वासन दिया कि उनका श्री हरि स्वयं सहायता समूह के सदस्य बनकर समूह में निवेश करो।
जमा की गई धनराशि पर तीन प्रतिशत मासिक ब्याज के हिसाब से हर साल ब्याज के साथ मूलधन वापस मिलेगा। इससे उनका निवेश लगभग ढाई वर्ष में दोगुना हो जायेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसी ब्याज में लोन भी मिल जायेगा। यह भी बताया कि उनका समूह रजिस्टर्ड है और समूह में खाता छह वर्ष के लिए खोला जायेगा। इनकी बातों पर विश्वास कर वे लोग रुपया जमा करने को राजी हो गये। इसके बाद उन्होंने हर माह धनराशि कलेक्शन के लिए ट्रांजिट कैंप के न्यूटन तरफदार से मिलाया, जिसको वह हर माह रुपये जमा करते रहे। इस तरह पीड़ितों ने करीब 38 लाख रुपये और अन्य के करीब दो करोड़ रुपये उन लोगों के पास जमा करा दिये।
छह वर्ष बीतने के बाद जब पीड़ित महिलाओं ने आरोपियों से रुपये वापस मांगे तो वह लोग आनाकानी करने लगे और गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगे। पीड़ित महिलाओं ने आरोपियों पर झूठा आश्वासन देकर रुपया हड़पने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को भी तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद महिलाओं को न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
