पीलीभीत और खटीमा पर चूजों के लिए निर्भरता होगी खत्म, पिथौरागढ़ में खुलेगी हैचरी

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Edited By Amrit Vichar
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पिथौरागढ़, अमृत विचार। क्षेत्र के मुर्गी पालकों को अब चूजे तैयार करने के लिए पीलीभीत और खटीमा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भटेड़ी गांव में जिले की पहली हैचरी लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही जिले के मुर्गी पालकों को चूजे मिलने लगेंगे। डीएम डॉ. आशीष चौहान और सीडीओ अनुराधा पाल …

पिथौरागढ़, अमृत विचार। क्षेत्र के मुर्गी पालकों को अब चूजे तैयार करने के लिए पीलीभीत और खटीमा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भटेड़ी गांव में जिले की पहली हैचरी लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही जिले के मुर्गी पालकों को चूजे मिलने लगेंगे। डीएम डॉ. आशीष चौहान और सीडीओ अनुराधा पाल ने गांव भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए गांव में हैचरी लगाने की स्वीकृति दी है। गांव में हैचरी की मशीन पहुंच चुकी है। अगले कुछ दिनों में यह मशीन स्थापित हो जाएगी।

सीमांत जिले पिथौरागढ़ के भटेड़ी गांव ने पिछले एक दशक में मुर्गी पालन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। इसे जिले का माडल विलेज घोषित किया गया है। गांव का हर परिवार मुर्गी पालन से जुड़ा हुआ है। स्थानीय जरूरत के साथ ही ग्रामीण सुरक्षा बलों को भी मांस और अंडों की आपूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों की आर्थिकी में सुधार होने के बाद गांव में पलायन धीरे- धीरे कम हो रहा हे। अब गांव के लोग मुर्गी पालन के साथ ही सब्जी उत्पादन में भी आगे बढ़ रहे हैं।

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