हल्द्वानी: इस रेस्टोरेंट में औंधे मुंह मिली कर्मचारी की लाश…
हल्द्वानी, अमृत विचार। चंद घंटे पहले घर से लौटे युवक की शहर के प्रतिष्ठित कपिलास रेस्टोंरेट में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रेस्टोरेंट के कर्मचारी की लाश सुबह औंधे मुंह मिली तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे एसटीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के …
हल्द्वानी, अमृत विचार। चंद घंटे पहले घर से लौटे युवक की शहर के प्रतिष्ठित कपिलास रेस्टोंरेट में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रेस्टोरेंट के कर्मचारी की लाश सुबह औंधे मुंह मिली तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे एसटीएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी।
मूलरूप से अल्मोड़ा निवासी प्रदीप सिंह (38) पुत्र स्व.ठाकुर सिंह पिछले कई सालों से मुखानी थानाक्षेत्र के कालाढूंगी रोड स्थित कपिलास रेस्टोरेंट में बतौर हेल्पर काम करता था। बताया जाता है कि पांच दिन पूर्व प्रदीप छुट्टी लेकर घर गया था, लेकिन वह घर रुका नहीं। अगले दी दिन प्रदीप घर से हल्द्वानी के लिए निकल गया, लेकिन वो यहां भी नहीं पहुंचा।
रेस्टोरेंट में गाड़ी चलाने वाले चंदन ने बताया कि रविवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे प्रदीप रेस्टोरेंट पहुंचा। प्रदीप शराब के नशे में बुरी तरह चूर था और सीधे सर्वेंट क्वाटर में चला गया। रात तकरीबन साढ़े दस बजे काम से फ्री होने के बाद अन्य कर्मचारी सर्वेंट क्वाटर पहुंचे तो प्रदीप पेट के बल सो रहा था। उसे किसी ने परेशान नहीं किया और अन्य कर्मचारी भी सो गए।
सुबह काम के लिए सब समय से उठ गए, लेकिन प्रदीप नहीं उठा। जब उठाने पर भी प्रदीप टस से मस नहीं हुआ तो सूचना रेस्टोरेंट मालिक को दी गई। जिसके बाद चंदन अन्य कर्मचारियों की मदद से आनन-फानन में प्रदीप को एसटीएच लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में प्रदीप के परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। मुखानी थानाध्यक्ष दीपक सिंह बिष्ट का कहना है कि मृतक शराब का लती था। प्राथमिक जांच में हत्या जैसी कुछ बात सामने नहीं आई। जांच शुरू कर दी गई। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
पत्नी से हो चुका था तलाक
हल्द्वानी। प्रदीप शादीशुदा था और उसका अपनी पत्नी से तलाक हो चुका था। तीन भाई-बहनों में प्रदीप बीच का था और पिता ठाकुर की करीब चार साल पहले मौत हो चुकी थी। छोटी बहन की शादी हो चुकी है और बड़ा भाई चंदन गांव में कास्तकारी कर अपने परिवार व मां नंदी देवी की देखभाल करता है।
