हल्द्वानी: पैरोल पर छूटा जेजे हत्याकांड का गुनहगार हल्द्वानी से फरार
हल्द्वानी, अमृत विचार। 12 नवंबर 1992 को सौत्या समेत 25 खतरनाक शूटर मुंबई के जेजे अस्पताल में घुसे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर शैलेश हलदनकर को भून दिया। करीब 500 राउंड गोलियां चलीं और इस वारदात को अंजाम देने वाले में एक नाम हल्द्वानी के दीपक दलवीर सिंह सिसोदिया का है। मामले में उम्र कैद की …
हल्द्वानी, अमृत विचार। 12 नवंबर 1992 को सौत्या समेत 25 खतरनाक शूटर मुंबई के जेजे अस्पताल में घुसे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर शैलेश हलदनकर को भून दिया। करीब 500 राउंड गोलियां चलीं और इस वारदात को अंजाम देने वाले में एक नाम हल्द्वानी के दीपक दलवीर सिंह सिसोदिया का है। मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा दीपक पैरोल पर आया था और अब फरार है।
दीपक दलवीर सिंह सिसौदिया रामपुर रोड पर जीतपुर नेगी में रहता है। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दर्ज जीरो एफआईआर के मुताबिक बीती 1 जनवरी को दीपक ने तीन महीने के लिए पैरोल लिया था। वह हल्द्वानी आया था और 8 मार्च को उसे वापस अमरावती जेल में आमद दर्ज करानी थी, लेकिन वह वापस नहीं पहुंचा।
जिसके बाद पुलिस दीपक की तलाश में जुटी और जब उसका कहीं पता नहीं चला तो उसके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी मोहन मंगलराव चव्हान ने महाराष्ट्र में जीरो एफआईआर दर्ज की। पीएचक्यू के आदेश के बाद हल्द्वानी कोतवाली में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दर्ज रिपोर्ट हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज की गई। जेजे हत्याकांड में शामिल दीपक को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिसके बाद से वो अमरावती जेल में बंद था।
अमरावती जेल में दीपक 5304 नंबर का कैदी था और उस पर मकोका समेत धारा 3(2), 3(4), 120 बी, 302, 149, 34, 143, 147, 148 के तहत कोर्ट ने उम्रकैद के साथ 10 लाख रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। अब फरार होने पर दीपक के खिलाफ धारा 224 के तहत एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। बता दें कि डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर के पति इब्राहिम पारकर की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को गवली गैंग के शूटर शैलेश हलदनकर और विपिन शोरे ने अंजाम दिया था। जिसके बाद दाऊद के इशारे पर जेजे अस्पताल में भर्ती शैलेस हलदनकर को मौत के घाट उतार दिया गया।
