कुमाऊं के हर थाने को आपदा से लड़ने वाला बनाना चाहते हैं डीआईजी, ये है प्लान
हल्द्वानी, अमृत विचार। डीआईजी डॉ. निलेश आनंद भरणे कुमाऊं के हर थाने को आपदा से लड़ने लायक बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए हर पुलिस कर्मी को ट्रेनिंग देनी होगी। इसके अलावा थानों में वो सारे साज-ओ-सामान मुहैया कराने होंगे, जो आपदा के लड़ने के लिए कारगर साबित हों। मसलन ड्रोन, मोटर बोट, सेटलाइट …
हल्द्वानी, अमृत विचार। डीआईजी डॉ. निलेश आनंद भरणे कुमाऊं के हर थाने को आपदा से लड़ने लायक बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए हर पुलिस कर्मी को ट्रेनिंग देनी होगी। इसके अलावा थानों में वो सारे साज-ओ-सामान मुहैया कराने होंगे, जो आपदा के लड़ने के लिए कारगर साबित हों। मसलन ड्रोन, मोटर बोट, सेटलाइट फोन, वुड कटर और पेलीगन लाइट इत्यादि। ट्रेनिंग के साथ जब ये सभी उपकरण थानों में मौजूद होंगे तो आपदा से भली-भांति निपटा जा सकेगा।
बताते चलें कि प्रदेश में मानसून की शुरुआत होते ही पहाड़ी जिलों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आने लगी हैं। ऐसे में मानसून के दौरान आपदा से निपटने के लिए सरकार ने भी कमर कस ली है। आपदा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पहली जुलाई से ही एक हेलीकॉप्टर कुमाऊं के धारचूला और दूसरा देहरादून में स्टैंडबाय पर रहेगा। इसके अलावा आपदा की स्थिति में सभी विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के बजाय समन्वय बनाकर काम करेंगे। अगले तीन माह अधिकारियों की छुट्टी विशेष परिस्थिति में ही स्वीकृत की जाएगी।
