लखनऊ : स्वास्थ्य महानिदेशालय पहुंचे कर्मचारी, भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए किया जमकर प्रदर्शन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ । अनियमित स्थानांतरण के विरोध में आज चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय पहुंचे कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने स्थानान्तण निति के खिलाफ किये गये स्थानान्तरण को भ्रष्टाचार की भूमिका बताया है, जिससे आने वाले समय में कर्मचारियों से वसूली की जा सके। उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के …

लखनऊ । अनियमित स्थानांतरण के विरोध में आज चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय पहुंचे कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने स्थानान्तण निति के खिलाफ किये गये स्थानान्तरण को भ्रष्टाचार की भूमिका बताया है, जिससे आने वाले समय में कर्मचारियों से वसूली की जा सके। उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले जुटे स्वास्थ्य कर्मचारी महानिदेशालय द्वारा किए गए अनियमित स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग पह डटे हुये थे ।

दरअसल, स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्थानान्तरण में हुई विसंगतियों को लेकर कर्मचारी आक्रोशित हैं। इसी के चलते स्वास्थ्य महानिदेशालय पर धरने के लिए सैकड़ों की संख्या में पहुंचे थे। कर्मचारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा स्थानांतरण को कमाई का साधन बनाते हुए जल्दबाजी में स्थानांतरण सूची जारी की गई है, जो निरस्त किया जाना आवश्यक है।

यह स्थानान्तरण नहीं हैं, बल्कि धन कमाने का जरिया बन चुका है

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि बीते दिन स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा स्थानांतरण की अंतिम तारीख के बाद विभिन्न संवर्गों के स्थानांतरण की सूची जारी की गई । समायोजन के नाम पर भी स्थानांतरण किया गया है, उन्होंने कहा कि यह स्थानान्तरण नहीं हैं, बल्कि धन कमाने का जरिया बन चुका है, परिषद ने महानिदेशक से तत्काल सूची को निरस्त करने का अनुरोध किया था। उसके बाद महानिदेशालय की तरफ से केवल कमेटी बनाकर मामले को लटकाने का काम किया जा रहा है। वहीं स्थानान्तरण कर कर्मचारियों को रिलीव करने का काम किया जा रहा है। ऐसे में यदि तीन दिन के भीतर स्थानान्तरण निरस्त नहीं किया गया,तो बड़े आन्दोलन होंगे।

उत्तर प्रदेश फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि आज स्वास्थ्य महानिदेशालय पर बड़े संगठनों के प्रतिनिधि इक्कठा हुये हैं। हमारी मांग यह है कि जितने भी स्थानान्तण अनियमित हुये हैँ,उनकों निरस्त किया जाये। इससे पहले हमलोग उप मुख्यमंत्री,प्रमुख सचिव व महानिदेशक के सामने सारी बात रख चुके हैं,सारी जानकारी होने के बाद भी कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई,सारे सबूत होने के बाद भी टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। कमेटी बनाकर पूरे मामले को लटकाने की कोशिश की जा रही है,जो व्यक्ति मर चुका है,उसका भी स्थानान्तरण कर दिया गया। आखिर मरे हुये व्यक्ति का स्थानान्तरण क्यों निरस्त नहीं किया जा रहा,उसमें जांच की क्या जरूरत।

पढ़ें-देवरिया: छोटी बहन ने बड़ी बहन को चाकू से गोदकर उतारा मौत के घाट, जांच में जुटी पुलिस

संबंधित समाचार