हल्द्वानी: जुनून ने बना दिया कैलीग्राफर, आज गूगल, मारुति और स्वीगी से मिल रहा काम

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भूपेश कन्नौजिया, अमृत विचार। बचपन में ड्राइंग का शौक बडे़ होते-होते कब अक्षरांकन यानी कैलीग्राफी में तब्दील हो गया पता ही नहीं चला और फिर जुनून ऐसा सिर चढ़ा कि एमबीए फाइनेंस की पढ़ाई करने के बावजूद बेहतर नौकरी पाने का लालच भी अरमानों को रोक न पाया। इस बीच नौकरी लग भी गयी मगर …

भूपेश कन्नौजिया, अमृत विचार। बचपन में ड्राइंग का शौक बडे़ होते-होते कब अक्षरांकन यानी कैलीग्राफी में तब्दील हो गया पता ही नहीं चला और फिर जुनून ऐसा सिर चढ़ा कि एमबीए फाइनेंस की पढ़ाई करने के बावजूद बेहतर नौकरी पाने का लालच भी अरमानों को रोक न पाया। इस बीच नौकरी लग भी गयी मगर कोरोना के चलते नौकरी छोड़ घर वापसी करनी पड़ी और यहीं से मानो इनप्रीत की लाइफ का टर्निंग प्वाईंट शुरु हो गया।

जी, हम हल्द्वानी निवासी इनप्रीत कौर चड्डा की बात कर रहे हैं जो कि भोटिया पड़ाव गोविंदपुरा निवासी दलजीत सिंह चड्डा और इंद्रजीत कौर की पुत्री हैं। इनप्रीत की प्रारंभिक शिक्षा हल्द्वानी के इंस्प्रेशन स्कूल से हुई और उसके बाद भीमताल ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में एमबीए किया, इसके तुरंत बाद प्लेसमेंट भी मिल गया और चंडीगढ़ की एक मल्टीनेशनल कंपनी में बारह लाख के पैकेज की नौकरी भी लग गयी मगर शायद इनप्रीत की किस्मत में बंध कर रहना नहीं लिखा था उसे तो अपने शौक को ऊंचाइयों तक पहुंचाना था तो उसे यह मौका मिल गया कोरोना काल में लगे लॉकडाउन से…उसे घर लौटकर आना पड़ा और बस यहीं से उसके अंदर छुपा बैठा कैलीग्राफर जाग गया और भाई हरजीत सिंह चड्डा सहित भाभी और घर के बाकी सदस्यों ने उसे उसके शौक को लेकर प्रेरित किया। जिसकी वजह से इनप्रीत उत्तराखंड की पहली कैलीग्राफर बनने की ओर अग्रसर हैं।

वह अपने प्रतिभा को सोशल मीडिया के मंच पर लेकर सामने आई और फिर क्या देखते ही देखते इनप्रीत के इंस्टाग्राम अकाउंट लेटरिंग बफ पर फालोवर्स बाढ़ आ गयी। उसके काम को सराहा जाने लगा और बाहरी राज्यों खासकर मेट्रो सिटीज से आर्डर मिलने लगे। इसके बाद तो गूगल, मारुति और स्वीगी जैसी नामी कंपनियों से काम मिलने लगा और देखते ही देखते शौक से शौहरत तक का सफर तय कर लिया, लेकिन इनप्रीत का कहना है कि उसे अब अपनी टीम को बढ़ाना है, अभी दो लोग टीम में हैं जिनमें प्रार्थना हल्द्वानी से तो गौरी पुणे से हैं।

आपको बता दें कि उनके काम की तारीफ कुमाऊं कमीश्नर दीपक रावत सहित पंजाबी गायक अहान तो कर ही चुके हैं वहीं बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने भी उन्हें उनकी रचनात्मकता के लिए प्रोत्साहित कर चुके हैं। जल्द ही वे उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार और राज्यपाल गुरमीत सिंह से मिलने वाली हैं। फिलहाल उनकी इस मेहनत, लगन और शौक से परिवार के हर सदस्य बेहद खुश है।

क्या कैलीग्राफी

कैलीग्राफी एक विजुअल आर्ट है। कैलीग्राफी लिखने वाले प्रोफेशनल आर्टिस्ट को कैलीग्राफर कहते हैं। कैलीग्राफर कई तरह के फॉन्ट, स्टाइल, मॉडर्न और क्लासिक तरीकों का प्रयोग करते हुए बेहतरीन सुलेख लिखते हैं। एक कैलीग्राफर सुंदर अक्षरों को लिखने के लिए खास तरह के पेन, निब, पेंसिल, टूल, ब्रश आदि का इस्तेमाल करते हैं। आजकल बाजार में तमाम आधुनिक मशीनें भी उपलब्ध हैं जो महंगी होने के साथ तमाम फीचर्स और गुणवत्ता से लैस हैं।

कहां रहती है मांग

बदलते दौर में सुंदर लेखनी का खास महत्व आज भी है। एक कैलीग्राफर की मांग तमाम कंपनियों के प्रमोशन इवेंट सहित अलग-अलग क्षेत्र में होती है जैसे शादी के कार्ड, हाथ की बनी प्रेजेंटेशन, ग्राफिक डिजाइन, मेमोरियल डाक्यूमेंट्स, सर्टिफिकेट, निमंत्रण-पत्र, व्यवसायिक कार्ड, मेन्यू कार्ड्स, हाथ के बने नक्शे, पोस्टर,ग्रीटिंग कार्ड, धार्मिक आर्ट, बुक कवर, लोगो डिजाइन, कानूनी दस्तावेज, सिरेमिक और मार्बल पर शब्दों को उकेरने के लिए होती है।

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