खटीमा: बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था नशा मुक्ति केंद्र, अब हुआ सील
खटीमा, अमृत विचार। नगर के लोहियाहेड रोड पर स्थित नींव कल्याण समिति नशा मुक्ति परामर्श एवं पुर्नवास केंद्र में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। बुधवार को एसडीएम ने टीम के साथ केंद्र का निरीक्षण किया तो केंद्र बिना क्लिनिक इस्टेब्लिशमेंट एक्ट में रजिस्ट्रेशन व बिना सक्षम …
खटीमा, अमृत विचार। नगर के लोहियाहेड रोड पर स्थित नींव कल्याण समिति नशा मुक्ति परामर्श एवं पुर्नवास केंद्र में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
बुधवार को एसडीएम ने टीम के साथ केंद्र का निरीक्षण किया तो केंद्र बिना क्लिनिक इस्टेब्लिशमेंट एक्ट में रजिस्ट्रेशन व बिना सक्षम डॉक्टर के चलते मिला। एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने तत्काल केंद्र को सील करा दिया। केंद्र में 30 मरीज भर्ती मिले, जिनमें 18 को परिजनों व 12 को गदरपुर के धौलपुर भेजा गया।
बता दें कि कुछ दिन पहले ही पीलीभीत रोड में भी एक नशा मुक्ति केंद्र भी प्रशासन को बिना रजिस्ट्रेशन का मिला था और सील किया था। ताजा मामला सोमवार की देर रात तब सामने आया जब यूपी के जिला फारूर्खाबाद, थाना नवाबगंज, पोस्ट संजना, ग्राम ढूडियापुर के 36 वर्ष के शराब के आदी भाष्कर यादव की मौत हो गई थी।
हालांकि इस मामले में परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। इधर, बुधवार को एसडीएम बिष्ट, तहसीलदार शुभांगिनी व नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ.वीपी. सिंह तथा थानाध्यक्ष झनकईया दिनेश फर्त्याल ने निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि केंद्र अनाधिकृत रूप से बिना क्लिनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट में रजिस्ट्रेशन व बिना सक्षम डॉक्टर के चलाया जाना पाया गया, केंद्र को सील कर दिया है।
इधर, डॉ. सिंह ने बताया कि 30 मरीजों के परिजनों को सूचित किया गया। इनमें 18 मरीज परिजनों को सुपुर्द कर दिए हैं। जबकि 12 मरीजों को गदरपुर के धौलपुर स्थित केंद्र में भेज दिया है। इधर एक के बाद एक नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती मरीजों की मौत के बाद सील होने से हड़कंप मचा हुआ है।
क्षेत्र में संचालित सभी केंद्रों की होगी जांच
खटीमा। एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि केंद्र के संचालन के लिए क्लिनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट में रजिस्ट्रेशन व सक्षम डॉक्टर का होना आवश्यक है। तहसील क्षेत्र में जितने भी नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं, सभी की जांच की जाएगी। जांच में एक्ट के बिना चलते मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मरीजों के साथ खिलवाड़ किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि खटीमा में बिना सक्षम डॉक्टर आदि के चलते मिला यह दूसरा नशा मुक्ति केंद्र है।
