लखनऊ: 22 दिन बाद भी नहीं मिला न्याय, स्वास्थ्यकर्मियों में बढ़ता जा रहा गुस्सा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हुये स्वास्थ्यकर्मियों के स्थानान्तरण में गड़बड़ियों का आरोप लग चुका है, यह आरोप लगे करीब 22 दिन का समय बीत चुका है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले सैंकड़ों कर्मचारियों ने स्वास्थ्य भवन पर एक दिन प्रदर्शन कर गलत स्थानान्तरण को निरस्त करने की मांग …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हुये स्वास्थ्यकर्मियों के स्थानान्तरण में गड़बड़ियों का आरोप लग चुका है, यह आरोप लगे करीब 22 दिन का समय बीत चुका है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले सैंकड़ों कर्मचारियों ने स्वास्थ्य भवन पर एक दिन प्रदर्शन कर गलत स्थानान्तरण को निरस्त करने की मांग भी उठाई, लेकिन शासन की तरफ से उनकी कोई सुनवाई नहीं की गयी। जिससे स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश बढ़ता ही जा रही है।
राजधानी के बलरामपुर अस्पताल में आज हुई कर्मचारियों की बैठक में यह आक्रोश दिखाई भी दिया है। स्वास्थ्य कर्मियों ने तो यहां तक कहा कि सरकार पर से हमारा भरोसा कम होता जा रहा है। करीब चार दिन से काला फीता बांधकर हमलोग कार्य कर रहे हैं,उसके बाद भी सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने हमसे वार्ता तक करना जरूरी नहीं समझा है।
बताया जा रहा है कि 25 जुलाई से स्थानान्तरण निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जायेगा। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा यह प्रदर्शन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर किया जायेगा। इसके बाद भी यदि उनकी सुनवाई नहीं होती है,तो कर्मचारी कार्यबहिष्कार की बात कह रहे हैं।
हालांकि यह कार्यबहिष्कार शुरूआती दौर में महज दो घंटे का होगा,लेकिन यह दो घंटा अस्पताल में आये मरीजों के लिए भारी पड़ सकता है। 25 जुलाई के दिन सभी जिलों के सीएमओ कार्यालय पर कर्मचारी धरना देंगे। इसके बाद 26 से 30 जुलाई तक दो घंटे कार्य बहिष्कार किया करेंगे।
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