गढ़वाल: व्यवस्थाएं परखने कांवड़ियों के साथ 12 किमी पैदल चले डीएम

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गढ़वाल, अमृत विचार। जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने शनिवार को यमकेश्वर तहसील के अंतर्गत नीलकंठ मार्ग पर कांवड़ियों के साथ 12 किलोमीटर पैदल यात्रा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तत्पश्चात नीलकंठ महादेव पहुंचकर जलाभिषेक कर पूजा की। जिलाधिकारी को अपने मध्य पाकर कांवड़िये व स्थानीय निवासी उत्साहित नजर आये। इस दौरान जिलाधिकारी ने …

गढ़वाल, अमृत विचार। जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने शनिवार को यमकेश्वर तहसील के अंतर्गत नीलकंठ मार्ग पर कांवड़ियों के साथ 12 किलोमीटर पैदल यात्रा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तत्पश्चात नीलकंठ महादेव पहुंचकर जलाभिषेक कर पूजा की।

जिलाधिकारी को अपने मध्य पाकर कांवड़िये व स्थानीय निवासी उत्साहित नजर आये। इस दौरान जिलाधिकारी ने कांवड़ तीर्थ यात्रा पर आए दिल्ली के राहुल व अन्य कांवड़ियों से बात कर सुविधाओ को लेकर फीडबैक लिया। जिस पर यात्रियों द्वारा संतोष व खुशी जाहिर की गई। जिलाधिकारी ने एक दुकान पर पसरे कूड़े को देखकर दुकानदार को फटकार लगाते हुए मौके पर ही कूड़े को उठाने को कहा।

जिलाधिकारी ने यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य शिविर, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कांवड़ मेला कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण करने के साथ ही पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि कांवड़ियों के आने-जाने के लिए अलग-अलग लाइनें बनायें। उन्होंने नीलकंठ पैदल मार्ग की रैलिंग का प्रस्ताव व ज्यादा चढ़ाई वाली जगहों पर सीढ़ी/स्टेप बनाने के निर्देश दिये।

इधर: डीएम हरिद्वार ने मोटर बोट से लिया जायजा
हरिद्वार। जिलाधिकारी, हरिद्वार विनय शंकर पांडेय ने शनिवार को कांवड़ मेला क्षेत्र के मालवीय घाट ऋषिकुल से लेकर मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) तक भ्रमण किया।

जिलाधिकारी ने मालवीय घाट ऋषिकुल से मुख्य कांवड़ मार्ग व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद हाथी पुल के निकट रैन बसेरा होते हुये बीईजी आर्मी द्वारा स्थापित अस्थाई चौकी पर पहुंचे, जहां से मोटर बोट से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा आदि का जायजा लिया तथा तैराक दल के कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि जो भी श्रद्धालु यहां आये हैं, वे हमारे अतिथि हैं तथा उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया कि सुरक्षा की दृष्टि से वे गंगा में जो रेलिंग लगी है, उसके इस ओर ही स्नान करें।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष कांवड़ियों के अपार समूह को देखते हुए जल पुलिस के साथ बीईजी आर्मी तैराक दलों को भी संवेदनशील कांवड मेला क्षेत्रों में तैनात किया गया है जो कांवडियों/श्रद्धालुओं को गंगा में डूबने से बचाने के लिये सहयोग कर रहे हैं। कांवड़ मेला शुरू होने से अभी तक उत्तराखंड जल पुलिस और सेना के जवान 30 से ज्यादा लोगों की जिंदगी बचा चुके हैं।

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