अल्मोड़ा: शिविर तो लगाया लेकिन नहीं पहुंचे चिकित्सक

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अल्मोड़ा, अमृत विचार। विकास खंड सल्ट में चिकित्सा विभाग द्वारा दिव्यांग जनों के लिए लगाए गए शिविर में लापरवाही सामने आई है। यहां शिविर का आयोजन तो किया गया लेकिन शिविर में चिकित्सक ही नहीं पहुंचे। जिस कारण दिव्यांगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। सल्ट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल में मंगलवार को दिव्यांग जनों के …

अल्मोड़ा, अमृत विचार। विकास खंड सल्ट में चिकित्सा विभाग द्वारा दिव्यांग जनों के लिए लगाए गए शिविर में लापरवाही सामने आई है। यहां शिविर का आयोजन तो किया गया लेकिन शिविर में चिकित्सक ही नहीं पहुंचे। जिस कारण दिव्यांगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

सल्ट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल में मंगलवार को दिव्यांग जनों के लिए एक शिविर आयोजित किया गया था। जिसमें दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड भी बनाए जाने थे। इस शिविर में चार चिकित्सकों को अल्मोड़ा से पहुंचना था। लेकिन शिविर में दो ही चिकित्सक पहुंचे।

जिस कारण दिव्यांग जनों के यूडीआईडी कार्ड नहीं बन पाए। जिस कारण दिव्यांगों को वहां से बैरंग लौटना पड़ा। इस बात की सूचना पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, राज्य आंदोलनकारी मोहन शर्मा, पूर्व सैनिक घनानंद शर्मा को मिली तो सीएचसी पहुंचे।
जनप्रतिनिधियों ने चिकित्सा विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही के संबंध में खंड विकास अधिकारी और एसडीएम से बात करने की कोशिश। लेकिन दोनों अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया।

जिस पर नाराज होकर जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा वंदना सिंह से बातचीत की। जिलाधिकारी ने बताया कि चिकित्सकों का वाहन खराब होने के कारण वह शिविर तक नहीं पहुंच पाए। सामाजिक कार्यकर्ता नारायण सिंह रावत ने कहा है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण विकास खंड के दूरदराज के इलाकों के दिव्यांगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

लेकिन अधिकारी इस लापरवाही के प्रति जरा भी गंभीर नहीं हैं। रावत ने विभाग की इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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