हल्द्वानी: हाइड्रोज्योलोजी स्टडी के बाद ही इनफिल्ट्रेशन वॉल पर होगा फैसला

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हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में प्रवाह की गति यानि हाइड्रोज्योलोजी स्टडी के बाद ही बैराज में इनफिल्ट्रेशन वॉल बनाए जा सकते हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जल संस्थान के अधिकारियों ने सर्वे करने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को टीम ने रामनगर की कोसी नदी में बने इनफिल्ट्रेशन वॉल का निरीक्षण किया है। बरसात …

हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में प्रवाह की गति यानि हाइड्रोज्योलोजी स्टडी के बाद ही बैराज में इनफिल्ट्रेशन वॉल बनाए जा सकते हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जल संस्थान के अधिकारियों ने सर्वे करने शुरू कर दिए हैं।

गुरुवार को टीम ने रामनगर की कोसी नदी में बने इनफिल्ट्रेशन वॉल का निरीक्षण किया है। बरसात में गौला में आने वाली सिल्ट के कारण पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो पाती है। पीने का पानी कम मिलता है तो हाहाकार मचना शुरू हो जाता है।

इन दिनों भी इसी तरह के हालात बने हुए हैं और इस वजह से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 60 फीसदी आबादी पानी की समस्या से जूझ रही है। इसका बड़ा कारण बारिश में सिल्ट के कारण आने वाले बेहद गंदे पानी को फिल्टर होने के बाद ज्यादा पानी का बर्बाद होना है। जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने इसे गंभीरता से लेते हुए जल संस्थान के अधिकारियों को समस्या निस्तारण को लेकर बेहतर प्लान बनाने के निर्देश दिए।

इसको लेकर विभाग ने स्टडी करनी शुरू कर दी है। अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव, एई नीरज तिवारी, जेई सतीश बिष्ट ने रामनगर में निरीक्षण किया है। हालांकि अभी यह तय नहीं किया गया है कि गौला बैराज में इनफिल्ट्रेशन वॉल बनाया जा सकता है। इंजीनियर इसके लिए हाइड्रोज्योलोजी स्टडी को बेहद जरूरी मान रहे हैं। इससे गौला नदी में पानी के प्रवाह की गति का आंकलन होगा। उसके बाद ही स्ट्रक्चर को लेकर विशेषज्ञों की राय ली जाएगी।

रामनगर में कोसी नदी में बने इनफिल्ट्रेशन स्ट्रक्चर का निरीक्षण किया गया। गौला में अभी इस प्रोजेक्ट पर फैसला नहीं लिया गया है। इसके लिए जरूरी है कि पहले हाइड्रोज्योलोजी स्टडी की जाए।
– नीरज तिवारी, एई, जलसंस्थान

सात दिन में नहीं ढूंढ पाए लीकेज, लोग हलकान
हल्द्वानी। पनचक्की क्षेत्र में पिछले सात दिनों से पानी की लाइन लीकेज है। उसको ढूंढने का प्रयास भी किया जा रहा है, लेकिन सात दिन से विभागीय अधिकारी और कर्मचारी इस लीकेज का पता नहीं लगा सके हैं। इस वजह से पानी की समस्या को लेकर लोग हलकान हैं। यह दिक्कत लालडांठ रोड पर पनचक्की क्षेत्र में आ रही है। इस क्षेत्र में गौला नदी के पानी की फिल्टर प्लांट से होने वाली सप्लाई इससे प्रभावित है। बताया जाता है कि करीब सप्ताह भर पहले लीकेज लाइन को लेकर आ रही दिक्कतों के लिए लोगों ने विभागीय अधिकारी से शिकायत की थी, उसके बाद से अब तक लीकेज का पता नहीं चल सका है। जेई अमित आर्या ने बताया कि लीकेज लाइन की तलाश कर रहे हैं। कई जगह इसको खोजा गया है, जल्द ही उसका पता लगाकर ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं।

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