देहरादून: मुख्यमंत्री ने बोधित्सव संवाद कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, चंपावत को आदर्श जिला बनाने पर जोर
देहरादून, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सीएम कैंप कार्यालय में आयोजित बोधित्सव संवाद कार्यक्रम में चम्पावत को आदर्श जिला बनाने पर विचार रखे। बैठक में हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि हमें सभी की भागीदारी से आगे बढ़ना है। एक-दूसरे के अनुभवों का लाभ उठाना है। उन्होंने …
देहरादून, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सीएम कैंप कार्यालय में आयोजित बोधित्सव संवाद कार्यक्रम में चम्पावत को आदर्श जिला बनाने पर विचार रखे।
बैठक में हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि हमें सभी की भागीदारी से आगे बढ़ना है। एक-दूसरे के अनुभवों का लाभ उठाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बोधिसत्व संवाद कार्यक्रम की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड को प्रकृति प्रदत्त बौद्धिकता है। यहां ऋषि परम्परा रही है। चम्पावत को विभिन्न क्लस्टरों में विकसित किया जा सकता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से काम करना होगा।
इस अवसर पर भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान के अधिकारियों ने टोपोग्राफी, भू उपयोग, साईट सूटेबिलिटी एनालिसिस, ऑयल, सिंचाई, जैव विविधता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ड्रैनेज, भूजल, जियोलाजिकल स्ट्रक्चर, लैंडस्लाइड से संबंधित मैपिंग पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान सैटेलाइट कम्यूनिकेशन, टेली एजुकेशन व टेली मेडिसन में सहयोग कर सकता है।
आईआईपी द्वारा बताया गया कि हाल ही में उनकी एक टीम चम्पावत गई थी और विभिन्न सम्भावनाओं का अध्ययन किया है। आईआईपी ने चीड़ की पत्तियों का आर्थिक उपयोग व बायोडीजल के क्षेत्र में काम कराने की बात कही।
मत्स्य संस्थान द्वारा बताया गया कि ट्राउट फिशिंग में काम की काफी सम्भावनायें हैं। वन विभाग की ओर से कहा गया कि इको टूरिज्म के साथ ही वन पंचायतों के माध्यम से हर्बल व ऐरोमैटिक के क्षेत्र में काम किया जा सकता है। बैठक में यूकास्ट के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, विनोद सिंघल, अपर सचिव सी रविशंकर, रंजना, बंशीधर तिवारी, डीएम चम्पावत नरेन्द्र सिंह भण्डारी सहित विभिन्न विभागों व नाबार्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।
