लखनऊ: जरा संभलकर! फैन्टेसी के चक्कर में कहीं फंस ना जाना, इंटरनेट पर फ्रेंडशिप चैट के नाम पर चल रही हनी ट्रैपिंग
लखनऊ। जीवन का अकेलापन दूर करने के लिए अगर आप भी इंटरनेट पर फैंटेसी ढूंढ रहे हैं तो जरा संभलकर। कहीं ऐसा न हो कि फैंटेसी और दोस्त ढूंढने के चक्कर में आप खुद न फंस जाएं। इन दिनों इंटरनेट पर फैंटेसी चैट और फ्रेंडशिप चैट के नाम पर जमकर हनी ट्रैपिंग चल रही है। …
लखनऊ। जीवन का अकेलापन दूर करने के लिए अगर आप भी इंटरनेट पर फैंटेसी ढूंढ रहे हैं तो जरा संभलकर। कहीं ऐसा न हो कि फैंटेसी और दोस्त ढूंढने के चक्कर में आप खुद न फंस जाएं। इन दिनों इंटरनेट पर फैंटेसी चैट और फ्रेंडशिप चैट के नाम पर जमकर हनी ट्रैपिंग चल रही है। लखनऊ में भी इसके कई मामले सामने आ रहे हैं।
भोली सूरत देख धोखा न खाना
इंटरनेट पर ढेरों ऐसे सर्चिंग वेबसाइट्स हैं, जो फ्रेंडशिप व फैंटेसी चैट के लिए नंबर उपलब्ध कराते हैं। यहां फ्रेंड्स से लेकर हाई-फाई एस्कॉर्ट गर्ल्स, कॉल गर्ल्स भी उपलब्ध हैं। सुंदर सी लड़की की फोटो देखकर दिल ललचाता है और दिये गये व्हाट्स एप नंबर व वीडियो कॉलिंग नंबर पर इंसान संपर्क कर बैठता है। बस यहीं से मछली जाल में फंस जाती है।
वीडियो कॉल में लाइव की बजाय रिकॉर्डेड कॉल्स प्ले की जाती हैं और बिना आपके जाने ही आपका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया जाता है। इसके बाद अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया और यू ट्यूब पर वायरल करने की धमकी देते हुए ब्लैकमेल कर पैसे की मांग की जाती है। कुछ दिन बाद कोई खुद को क्राइम ब्रांच दिल्ली का अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करता है।
लखनऊ में भी हनीट्रैप और सेक्सटॉर्सन की हर माह 400 से 500 शिकायतें
राजधानी लखनऊ में भी हनीट्रैप और सेक्सटॉर्सन के मामले दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों की मानें तो प्रतिदिन 15 से 20 शिकायतें आती हैं। यानी हर माह करीब 400 से 500 लोग शहर में हनी ट्रैपिंग का शिकार हो रहे हैं। इसमें 90 प्रतिशत पुरुष ही हैं। तीन माह पूर्व पुलिस ने हनी ट्रैप करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना व दो महिलाओं समेत 05 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। गिरोह का सरगना रितेश खुद को पत्रकार बताता था।
मंत्री और बड़े-बड़े डॉक्टर भी शिकार
हाल ही में शहर में हनी ट्रैपिंग व सेक्सटार्सन के कई बड़े मामले प्रकाश में आए हैं। सिर्फ आम लोग ही नहीं, मंत्री, डॉक्टर, बैंक अधिकारी, शिक्षक भी हनी ट्रैपिंग व सेक्सटॉर्सन का शिकार हुए हैं। चौक कोतवाली में भी दो दिन पूर्व शहर के जाने-माने एक न्यूरो सर्जन ने भी हनी ट्रैपिंग की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
राजस्थान के मेवात से सबसे अधिक की जाती है हनी ट्रैपिंग : साइबर सेल प्रभारी
हजरतगंज साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि हनी ट्रैपिंग का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। हर दिन 15-20 शिकायतें आती हैं। हनी ट्रैपिंग के सबसे अधिक मामले राजस्थान के मेवात जिले से अंजाम दिये जाते हैं। झारखंड के जामताड़ा की तरह ही राजस्थान का मेवात जिला साइबर क्राइम का सबसे बड़ा हब है। ओएलएक्स के माध्यम से फ्रॉड और हनी ट्रैप के अधिकांश मामले यहीं से ऑपरेट होते हैं। इसके अलावा झारखंड के देवघर और पश्चिम बंगाल से भी कई मामले अंजाम दिये जाते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
- इंटरनेट से फ्रेंड्स चैट, सेक्स चैट, एस्कॉर्ट बुकिंग, कॉल गर्ल बुकिंग से परहेज करें।
- अगर किसी अज्ञात नंबर से व्हाट्स एप वीडियो कॉल आती है तो इसे नजरअंदाज करें।
- अगर वीडियो कॉल रिसीव करने के बाद कोई आपका वीडियो यू ट्यूब पर अपलोड करने की धमकी देता है तो निश्चित रहें क्योंकि यूट्यूब पर किसी भी तरह की न्यूडिटी (नग्नता) अपलोड नहीं की जा सकती।
- अगर सेक्सटॉर्सन के लिए बार-बार कॉल आ रही हैं तो डरने की बजाय तत्काल पुलिस को लिखित शिकायत करें।
इन वेबसाइट्स व अप्लीकेशंस से रहें सतर्क :-
- स्कोका डॉट कॉम
- लोकैंटो
- सेक्सबुक डॉट कॉम
- एएलटी डॉट कॉम
- रेडसीर डॉट इन
- हरीमिर्च डॉट इन
- 99 फ्लेवर्स डॉट कॉम
- गोल्ड एलेक्स लॉ डॉट कॉम
- जिगोलो फाइंडर डॉट कॉम
- मिंगल 2 डॉट कॉम
- लव वेब डॉट कॉम
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