सलमान रुश्दी पर हमलावर ने कैसे किया था वार, पत्रकार ने बयां की आंखों देखी

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न्यूयॉर्क (अमेरिका)। पत्रकार जोशुआ गुडमैन अपने परिवार के साथ काम से दूर एक सप्ताह के लिए छुट्टी मनाने पश्चिमी न्यूयॉर्क में चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन गए थे, लेकिन इसके बजाय उनका सामना प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी पर हुए हमले की खबर से हुआ। मियामी स्थित लैटिन अमेरिका के लिए ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) के संवाददाता गुडमैन शुक्रवार को …

न्यूयॉर्क (अमेरिका)। पत्रकार जोशुआ गुडमैन अपने परिवार के साथ काम से दूर एक सप्ताह के लिए छुट्टी मनाने पश्चिमी न्यूयॉर्क में चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन गए थे, लेकिन इसके बजाय उनका सामना प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी पर हुए हमले की खबर से हुआ। मियामी स्थित लैटिन अमेरिका के लिए ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) के संवाददाता गुडमैन शुक्रवार को लेखक सलमान रुश्दी के एक व्याख्यान में भाग ले रहे थे।

रुश्दी (75) जब चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन में मंच पर थे, तभी उनकी गर्दन पर चाकू घोंपा गया था। पत्रकार ने अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें लीं और अपने संस्थान को हमले के वीडियो भेजे। लेखक रुश्दी को 1988 में आयी पुस्तक ‘‘द सैटेनिक वर्सेज’’ लिखने के बाद वर्षों तक इस्लामी चरमपंथियों से मौत की धमकियों का सामना करना पड़ा था। यह एक अप्रत्याशित घटना के लिए सही समय पर सही जगह पर होने का एक उल्लेखनीय उदाहरण था।

गुडमैन ने कहा, ‘‘यह बहुत ही वास्तविक था जिसे आप सिर्फ बयां कर सकते हैं।’’ उन्होंने बताया संस्थान एक सदी से भी अधिक पुराना है, जो न्यूयॉर्क के निकटतम प्रमुख शहर बफेलो से एक घंटे से अधिक की दूरी पर स्थित है।

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चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन दक्षिण-पश्चिमी न्यूयॉर्क राज्य में चौटौक्वा झील पर एक गैर-लाभकारी समुदाय है, जहां नौ सप्ताह के सीजन के दौरान किसी भी दिन लगभग 7,500 लोग निवास करते हैं। पत्रकार के मुताबिक, रुश्दी का जब चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन में मंच पर परिचय करवाया जा रहा था, तभी हमलावर मंच पर चढ़ गया और उनके साथ मारपीट करने लगा। पत्रकार गुडमैन भी घटना के चश्मदीद थे।

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