हल्द्वानी: फुंकने के इंतजार में छह महीने से बगैर स्टेबलाइजर के चल रहा नलकूप
हल्द्वानी, अमृत विचार। कभी लो-वोल्टेज का रोना तो कभी कटौती पर बिजली विभाग पर ठीकरा फोड़ने वाले जल संस्थान को नलकूप के फुंकने का इंतजार है। ऊंचापुल का नलकूप पिछले छह महीने से बगैर स्टेबलाइजर के चल रहा है। कभी लो-वोल्टेज के आगे वह उठ नहीं पाता है तो कभी बिजली नहीं होने की वजह …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कभी लो-वोल्टेज का रोना तो कभी कटौती पर बिजली विभाग पर ठीकरा फोड़ने वाले जल संस्थान को नलकूप के फुंकने का इंतजार है। ऊंचापुल का नलकूप पिछले छह महीने से बगैर स्टेबलाइजर के चल रहा है। कभी लो-वोल्टेज के आगे वह उठ नहीं पाता है तो कभी बिजली नहीं होने की वजह से टैंक नहीं भर पाता है। 22 से 23 घंटे तक चलने वाला यह नलकूप 10 से 12 घंटे भी नहीं चल पा रहा है।
जल संस्थान के अभियंताओं के अनुसार ट्यूब्वेल की मोटर के लिए 415 वोल्ट बिजली की आवश्यकता रहती है। 400 वोल्ट तो चाहिए ही, तभी मोटर चालू हो सकेगी। यदि उससे कम है तो मोटर चालू करने के प्रयास में उसके फुंकने का भी खतरा रहता है। दबाव अधिक होने की वजह से यह स्थिति बनती है। बिजली के वोल्टेज हाई व लो होते रहते हैं।
ऐसी स्थिति में नलकूप की मोटर को सुरक्षित करने के लिए स्टेबलाइजर का होना बेहद जरूरी समझा जाता है और स्टेबलाइजर की मदद से ही नलकूप चालू किए जाते हैं। ऊंचापुल का स्टेबलाइजर करीब छह महीने से खराब बताया जा रहा है। विभाग न ही उसे ठीक करा पा रहा है और न ही उसके स्थान पर नया स्टेबलाइजर लगा सका है। यह तब है, जब बिना स्टेबलाइजर के कई बार नलकूप फुंक चुके हैं। जेई एमसी सती का कहना है कि स्टेबलाइजर ठीक करने के लिए दिया जा चुका है।
बिजली की कटौती लड़खड़ाया नलकूपों का शेड्यूल
बिजली की कटौती से नलकूपों का शेड्यूल बिगड़ गया है। सबसे ज्यादा दिक्कतें नीलियम कॉलोनी, पार्वती विहार, आईटीआई डहरिया,
ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में आ रही है। इस क्षेत्र के जेई एमसी सती का कहना है कि बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई है। कभी भी बिजली की सप्लाई कट कर दी जाती है। इससे नलकूप बंद हो जाते हैं। ओवर हेड टैंकर भी पूरा नहीं भर पाते हैं और सप्लाई का समय भी प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि कई बार विभाग को इसकी जानकारी दी गई है, लेकिन वह कोई संतोषजनकर जवाब नहीं दे रहे हैं।
