हल्द्वानी: UKSSSC भर्ती घोटाले में चाहे मंत्री हो या विधायक, दोषी होंगे तो सब नपेंगे: अरविंद पांडे
हल्द्वानी, अमृत विचार। पूर्व शिक्षा मंत्री और गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने कहा है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली में चाहे मंत्री हो या विधायक या किसी भी दल का नेता हो अगर जांच में दोषी पाया जाएगा तो प्रदेश की सरकार नहीं बख्शेगी। उन्होंने कहा …
हल्द्वानी, अमृत विचार। पूर्व शिक्षा मंत्री और गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने कहा है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली में चाहे मंत्री हो या विधायक या किसी भी दल का नेता हो अगर जांच में दोषी पाया जाएगा तो प्रदेश की सरकार नहीं बख्शेगी। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा में घोटाले की एसटीएफ जांच कर रही है, कई आरोपी गिरफ्तार भी हुए हैं। ऐसे में भाजपा या फिर कांग्रेस किसी भी दल के लोग अगर भर्ती घोटाले में शामिल होंगे तो उन्हें बक्शा नहीं जाएगा। राज्य की छवि को बट्टा लगाने वालों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि उत्तराखंड की धामी सरकार सैनिकों और शहीदों के सपनों को पूरा करने का काम कर रही है। जनभावना के अनुसार शहीदों के नाम को जिंदा रखने और लंबे समय तक याद रखने के लिए प्रदेश के पार्कों, सड़कों का नाम रखने की घोषणा भी जल्द मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। इससे पहले विधायक अरविंद पांडे ने सियाचिन के शहीद चंद्रशेखर हर्बोला के परिजन से मुलाकात करने उनके डहरिया स्थित आवास पर पहुंचे जहां उन्होंने वीरांगना शांति देवी को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री और प्रदेश की धामी के नेतृत्व में विकास कार्य चल रहे हैं ऐसे में किसे दायित्व यानि राज्य मंत्री का दर्जा मिलेगा, इस सवाल का जवाब उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। पार्टी आलाकमान ही तय करेगा किसे जिम्मेदारी दी जानी है या नहीं। बताते चलें कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार के गठन के छह महीने का वक्त पूरा होने जा रहा है। प्रदेश में दायित्व धारी दर्जाधारी राज्य मंत्री बनाने की भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसे में जीते हुए विधायकों और उन कार्यकर्ताओं को जिन्होंने विधानसभा चुनाव जिताने में अहम भूमिका निभाई उन्हें दर्जाधारी राज्यमंत्री के पद से नवाजा जा सकता है।
आपको बता दें कि प्रदेश में तकरीबन ढाई सौ दर्जाधारी राज्यमंत्री आसानी से बन सकते हैं, जिसमें आयोग निगम और परिषद शामिल हैं। कुछ सदस्य बनाए जा सकते हैं। इस तरह से भाजपा अपने कर्मठशील पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सरकार में समायोजित कर सकती है।
