हल्द्वानी: पुलिस के लिए चुनौती बना हंसा हत्याकांड, दो बार पोस्टमार्टम और चार टीमों की जांच के बाद अब पॉलीग्राफ टेस्ट का इंतजार

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। करोड़ों की जमीन के मालिक हंसा दत्त जोशी की मौत को 10 महीने 24 दिन गुजर चुके हैं। दो बार हंसा का पोस्टमार्टम हो चुका है, पुलिस की चार टीमें जांच कर चुकी हैं, लेकिन जांच मुकम्मल अंजाम तक नहीं पहुंची। अब इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े तीन लोगों का …

हल्द्वानी, अमृत विचार। करोड़ों की जमीन के मालिक हंसा दत्त जोशी की मौत को 10 महीने 24 दिन गुजर चुके हैं। दो बार हंसा का पोस्टमार्टम हो चुका है, पुलिस की चार टीमें जांच कर चुकी हैं, लेकिन जांच मुकम्मल अंजाम तक नहीं पहुंची। अब इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े तीन लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इन तीन में दो वो लोग हैं, जिन पर हंसा की बेटी ने हत्या का केस दर्ज कराया है।

चीनपुर मुखानी निवासी हंसा दत्त जोशी की बीते वर्ष 29 सितंबर को उन्हीं के घर के बाथरूम में पड़ी मिली। लाश को सबसे पहले शिवा गिनवाल पुत्र चन्दन गिनवाल निवासी चंदन विहार बिठौरिया और सीएमटी कालोनी निवासी अक्षत तिवारी पुत्र उमेश चन्द्र तिवारी ने देखा और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बेस अस्पताल पहुंचने से पहले ही हंसा की मौत हो चुकी थी। घटना स्थल पर एक तीसरा व्यक्ति हंसा का केयर टेकर भी मौजूद था।

इस घटना की जानकारी हंसा की बेटी सौम्या की उसी रोज रात करीब 11 बजे उनके किराएदार ने दी। मामले में सौम्या ने इस मामले में सौम्या ने चन्दन और शिवा पर हंसा की हत्या का आरोप लगाते हुए मुखानी थाने में केस दर्ज कराया और कहा, पिता चीनपुर में अकेले रहते थे। उनके नाम से लगभग 38 बीघा भूमि  दर्ज थी। इस भूमि को शिवा गिनवाल और अक्षत तिवारी ने साजिश कर अपने व अपने मित्रों के नाम रजिस्ट्री करा ली। इस भूमि का विवाद विभिन्न न्यायालयों में चल रहा है। दाननामे व रजिस्ट्री कराने वालों को शंका हो गई थी कि हंसा उनके विरुद्ध न चले जाए। दाननामे व रजिस्ट्री बैनामे की भूमि का भुगतान भविष्य में होना था और इस भुगतान से बचने के लिए दान प्राप्त व्यक्तियों ने एक साजिस के पिता का कत्ल कर दिया।

मामले में केस दर्ज कर मुखानी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। दो बार पोस्टमार्टम के बाद एसओजी और फिर एसआईटी की जांच के बाद हल्द्वानी कोतवाल हरेंद्र चौधरी को जांच दी गई। बावजूद इसके कुछ हासिल नहीं हुआ। जिसके बाद एसएसपी पंकज भट्ट ने शिवा, अक्षत और केयर टेकर का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का फैसला लिया। माना जा रहा है कि इसी माह तीनों का पॉलीग्राफ टेस्ट कर लिया जाएगा और इसी टेस्ट के नतीजे पर सबकुछ निर्भर है।

घर वापस मांगा तो तोड़ना पड़ गया ताला
इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई। हुआ ये कि घटनास्थल बताकर मुखानी पुलिस ने हंसा का घर सील कर दिया और चाबी मालखाने में जमा कर दी। घटना के 10 माह गुजर जाने के बाद भी जब जांच में कुछ नहीं निकला तो सौम्या ने एसएसपी ने घर में लगी सील खुलवाकर घर उनके सुपुर्द करने की गुजारिश की। तलाश करने के बावजूद जब चाबी नहीं मिली तो कोतवाल हरेंद्र चौधरी को घर में लगा ताला तोड़ना पड़ा।

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