लखनऊ : प्रॉपटी के लालच में चाची का गला घोंट कर उतारा था मौत के घाट

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पुलिस ने चंद्रावती हत्याकांड का पर्दाफाश कर हत्यारोपी और उसके साथी को भेजा जेल लखनऊ। पारा के मर्दनखेडा में रविवार को चन्द्रावती की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई थी। हत्यारोपी ने महिला के मुंह पर तकिया रखकर मौत के घाट उतारा था। इस वारदात को अंजाम किसी अन्य ने नहीं बल्कि चंद्रावती के …

  • पुलिस ने चंद्रावती हत्याकांड का पर्दाफाश कर हत्यारोपी और उसके साथी को भेजा जेल

लखनऊ। पारा के मर्दनखेडा में रविवार को चन्द्रावती की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई थी। हत्यारोपी ने महिला के मुंह पर तकिया रखकर मौत के घाट उतारा था। इस वारदात को अंजाम किसी अन्य ने नहीं बल्कि चंद्रावती के भतीजे ने दिया था। बुधवार को पुलिस चंद्रावती हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए हत्यारोपी भतीजे अवधेश यादव और उसके साथी अजय कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।

डीसीपी दक्षिणी राहुल राज ने बताया कि बीते 21 अगस्त को बरोरा हुसैनवाडी जिला ठाकुरगंज निवासी संदीप ने मौसेरी सास चन्द्रवती(55)पत्नी स्व. गनेश प्रसाद यादव की अज्ञात लोगों के द्वारा हत्या किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। उसने बताया था कि मृतका अपने घर में अकेली रहती थी। जिनके कोई संतान नहीं थी। हत्या के बाद पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही थी।

बुधवार को पारा प्रभारी निरीक्षक दक्षिबल तिवारी, एसआई राहुल त्रिपाठी, एसआई अरूण कुमार और डीसीपी दक्षिणी की सर्विलांस टीम के मुख्य आरक्षी सौरभ दीक्षित, मंजीत सिंह, सुनील कुमार और रवीन्द्र सिंह की टीम ने मृतका चन्द्रवती के भतीजे भक्तिखेड़ा थाना बिजनौर निवासी अवधेश यादव और साथी सिद्धार्थनगर निवासी अजय कुमार श्रीवास्वत को देवपुर मोड़ से गिरफ्तार कर लिया।

जिनके पास से घर से लूटा गया सामान और हत्या में प्रयुक्त बाइक मिली। पूछताछ में आरोपी अवधेश यादव ने बताया कि संपत्ति के लालच में उसने अपने साथी अजय कुमार श्रीवास्त के साथ मिलकर अपनी चाची की गला दबाकर हत्या कर दी थी और अलमारी में रखे जेवरात और करीब 20 हजार रुपए उठा ले गए थे।

शातिर अपराधी हैं आरोपित

पकड़ा गया आरोपी अवधेश कुमार यादव शातिर अपराधी है। साल 2002 में सरोजनीनगर क्षेत्र के अमौसी एयरपोर्ट के पास से टैक्सी स्टैण्ड संचालक अवधेश मिश्रा का अपहरण कर हत्या कर दी थी और शव को ठिकाने लगा दिया था। जिसका शव आज तक नहीं मिला। साल 2019 में जुलेखा नामक महिला को अगुआ करके उसकी हत्या कर दी थी। श्जि

सका शव सई नदी में अपने साथियों के साथ मिलकर फेंक दिया था। आरोपी अजय कुमार श्रीवास्तव ने साल 2019 में कृष्णानगर से एक महिला जो टेलीफिल्म बनाने का काम करती थी। यूनिट का इंचार्ज दिल्ली निवासी ऋषि पंजाबी और आरोपी अजय कुमार श्रीवास्तव व वह महिला थी। जिसके साथ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बलात्कार किया था।

जमानत पर हैं दोनो आरोपी

अवधेश यादव व अजय कुमार श्रीवास्तव जमानत पर हैं। दोनों की दोस्ती जेल में हुई थी। वर्तमान में अजय कुमार श्रीवास्वत को कोचिंग चलाने व आवास की जरूरत थी। अवधेश यादव ने अजय कुमार आवास दिलाने का लालच देकर अपनी सगी चाची की हत्या में शामिल कर लिया था।

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