मथुरा: पांच-पांच माह से नहीं मिला वेतन, कोविड काल के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने 10 लोगों को किया था भर्ती

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मथुरा, अमृत विचार। कोविड काल के दौरान कोविड मरीजों की डाटा एंट्री के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने जीबी मैन पावर कंपनी के माध्यम से 10 युवक युवतियों को आउटसोर्सिग के तहत काम पर रखा। इन लोगों को कोविड काल के दौरान विभिन्न सीएचसी पर तैनात किया गया। विभाग ने इनकी हाजिरी के लिए …

मथुरा, अमृत विचार। कोविड काल के दौरान कोविड मरीजों की डाटा एंट्री के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने जीबी मैन पावर कंपनी के माध्यम से 10 युवक युवतियों को आउटसोर्सिग के तहत काम पर रखा। इन लोगों को कोविड काल के दौरान विभिन्न सीएचसी पर तैनात किया गया। विभाग ने इनकी हाजिरी के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन दिया गया। आरोप है कि मोबाइल एप्लीकेशन पर तकनीकी कमी के कारण इनकी हाजिरी नहीं लगी। इसकी शिकायत डाटा एंट्री के लिए रखे कर्मियों ने नोडल अधिकारी को दी।

बताया जाता है कि उस समय नोडल अधिकारी ने कहा कि जो जिस सीएचसी पर तैनात हैं वहां चिकित्सा अधिकारी को एक फार्मेट के माध्यम से कार्यालय में जमा करा दें। सभी का मानदेय इस फार्मेट के आधार पर दे दिया जाएगा। सभी ने अपनी हाजिरी से संबंधित कागज सीएमओ ऑफिस में जमा कराते रहे।

साथ ही लगातार मानदेय की मांग करते रहे, लेकिन हर बार अधिकारी कुछ न कुछ बहाना बनाकर टरकाते रहे। अब कहा जा रहा है कि मोबाइल एप्लीकेशन में हाजिरी नहीं लगी है। इसलिए मानदेय नहीं दिया जा सकता है। अब सभी डाटा आपरेटर मानदेय के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। सोमवार तो सभी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उन्हें अपनी पीडा से अवगत कराया है। जिलाधिकारी ने सीएमओ से इस संबंध में जानकारी मांगी है।

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